भोपाल की हाई-प्रोफाइल ट्विशा शर्मा मौत मामले में लगातार नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। ब्यूटी पार्लर का आखिरी सीसीटीवी फुटेज, रसूखदार सास का संदिग्ध रवैया और पुलिस की ढुलमुल कार्यप्रणाली ने इस केस को बेहद पेचीदा बना दिया है। मध्य प्रदेश सरकार ने अब सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है, और हाईकोर्ट ने ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने का आदेश दे दिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में कई अनसुलझे सवाल खड़े हो गए हैं।
ट्विशा शर्मा ने सुसाइड के लिए छत जैसी खुली जगह को चुना, जिसका सिर्फ कुछ हिस्सा ही बंद था। सबसे बड़ी बात यह है कि जब यह घटना हुई, तब घर में परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे। ऐसे में खुली छत पर कोई भी उसे ऐसा करते देख सकता था या रोक सकता था। हालांकि, ट्विशा के ससुराल वाले दावा कर रहे हैं कि वह नशे की हालत में थी और उसने वहीं फांसी का फंदा लगाकर खुद की जान ले ली। सुसाइड की थ्योरी को सबसे बड़ा झटका ट्विशा शर्मा की मौत से ठीक पहले की सीसीटीवी फुटेज से लगता है। 12 मई को जिस दिन उसकी मौत हुई, वह दोपहर करीब 3:30 बजे अपने ससुराल से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित एक ब्यूटी पार्लर पहुंची थी और शाम करीब 6:15 बजे वहां से निकली। ब्यूटी पार्लर के सीसीटीवी फुटेज में ट्विशा बेहद रिलैक्स और सामान्य दिखाई दे रही है। उसे सर्विस देने वाले कर्मचारी ने कहा कि कहीं से भी ऐसा नहीं लग रहा था कि वह किसी भी तरह के तनाव में है।
ट्विशा की मौत के अगले ही दिन, 13 मई को सुबह करीब 11:30 बजे, उसकी सास गिरिबाला सिंह ने ब्यूटी पार्लर की संचालक किरण को फोन किया। किरण का दावा है कि गिरिबाला ने बार-बार पूछा कि क्या ट्विशा पार्लर आई थी, वह कितने बजे आई और कितने बजे गई। इसके साथ ही उन्होंने पेमेंट के बारे में भी पूछा था। चौंकाने वाली बात यह है कि जब सास गिरिबाला को पार्लर में सीसीटीवी होने की बात पता चली, तो वह खुद को वकील बताने वाले कुछ लोगों के साथ पार्लर पहुंच गईं। आरोप है कि सबसे अहम सबूत यानी सीसीटीवी फुटेज गिरिबाला सिंह अपने साथ ले गईं, जबकि पुलिस वहां पहुंच भी नहीं सकी थी।
इस केस का सबसे अहम किरदार ट्विशा शर्मा का पति समर्थ सिंह है। सवाल यह है कि यदि समर्थ बेकसूर है तो वह पिछले 11 दिनों से फरार क्यों था? उसने अपनी पत्नी की मौत का सच क्यों छिपाया? क्या भोपाल पुलिस जानबूझकर उसे छुपा रही थी? फिलहाल उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और वह पुलिस कस्टडी में है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा का आरोप है कि पूर्व जज होने के कारण गिरिबाला सिंह अपने रसूख का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित कर रही हैं। उनका दावा है कि सास ने ट्विशा की मौत के फौरन बाद करीब 46 फोन कॉल्स किए, जो केस को रफा-दफा करने के लिए कई जजों और बड़े अधिकारियों को किए गए थे। पहले भोपाल की निचली अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को खारिज कर दिया था, लेकिन परिवार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स की एक विशेष टीम करेगी। अब देखना यह है कि सीबीआई जांच और दोबारा पोस्टमार्टम के बाद इस मामले का असली सच सामने आ पाता है या नहीं।