देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सिर्फ स्वच्छता में ही नहीं, बल्कि अपने ‘सफाई मित्रों’ की ईमानदारी और कर्तव्य निभाने में भी नंबर वन है।
इंदौर में सफाई मित्रों की ईमानदारी और समर्पण की मिसाल सामने आई है। एक महिला से गलती से करीब दो किलो वजनी चांदी का लोटा कचरे की गाड़ी में चला गया।
24 घंटे की मशक्कत
मामला सामने आने के बाद नगर निगम के सफाई मित्रों ने हार नहीं मानी और ट्रेंचिंग ग्राउंड में घंटों तक कचरे की छंटाई कर आखिरकार कीमती लोटा खोज निकाला।
सफाई मित्रों ने लगातार 24 घंटे तक सैकड़ों टन कचरे की छंटाई की। इसके बाद लोटा उसके मालिक परिवार को सुरक्षित लौटा दिया गया।
कैसे हुआ मामला?
शहर के राजेंद्र नगर क्षेत्र की एक महिला कई महीनों के बाद अपने बच्चों के पास से बेंगलुरु से इंदौर आई थी। उसके घर पर अत्यधिक कचरा होने के कारण उसने अनजाने में घर का करीब 2 किलो वजनी चांदी का लोटा कचरे के साथ फेंक दिया।
कुछ समय बाद गलती का एहसास होने पर परिवार ने स्थानीय पार्षद प्रशांत बड़वे से संपर्क किया।
कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका
सूचना मिलते ही नगर निगम के सफाई अमले को अलर्ट किया गया, लेकिन तब तक कचरे से भरी गाड़ी ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंच चुकी थी।
इस सराहनीय कार्य में सफाई कर्मचारी विजय यादव, रवि सिंह, धीरज व्यास और अभिषेक की विशेष भूमिका रही। उनकी मेहनत से परिवार को उनका कीमती सामान वापस मिला।
परिवार ने जताया आभार
अपना चांदी का लोटा वापस मिलने पर परिवार ने नगर निगम और सफाई मित्रों का आभार व्यक्त किया।
नगर निगम ने इन चारों कर्मचारियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। यह उनकी ईमानदारी और लगन का प्रमाण है।