भोपाल की ट्विशा शर्मा की मौत मामले में बुधवार को मंत्रालय में उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस पूरे प्रकरण में हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मामले की जांच के लिए सीबीआई को पत्र लिखा जाएगा, ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ सके। सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया कि यदि परिजन चाहें तो शव को एम्स दिल्ली ले जाने के लिए परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। मोहन यादव ने परिवार को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए पत्र लिखेगी।
33 वर्षीय ट्विशा शर्मा पूर्व मॉडल और अभिनेत्री भी रह चुकी थीं। वह 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और मानसिक-शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं, जबकि ससुराल पक्ष का दावा है कि ट्विशा नशे की आदी थीं। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 80(2), 85 और 3(5) के साथ दहेज निषेध कानून की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले में पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। गिरिबाला सिंह को जमानत मिल चुकी है, जबकि समर्थ सिंह अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें बनाई गई हैं और सूचना देने वाले को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई है।
भोपाल की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने एम्स दिल्ली में दूसरा पोस्टमार्टम कराने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के बाद कहा कि उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर दूसरे पोस्टमार्टम की अनुमति देना संभव नहीं है। अदालत ने मौखिक टिप्पणी में यह भी कहा कि अब तक की जांच में दूसरा पोस्टमार्टम जरूरी प्रतीत नहीं होता। हालांकि, अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि शव को सुरक्षित रखने के लिए कम तापमान वाली सुविधा की तलाश की जाए। अदालत ने कहा कि फिलहाल शव एम्स भोपाल की मोर्चरी में माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा गया है, जबकि विशेषज्ञों के अनुसार उसे सुरक्षित रखने के लिए माइनस 80 डिग्री तापमान जरूरी है। अब देखना यह है कि सीबीआई जांच की संभावना से इस मामले को कितनी रफ्तार मिलती है और फरार पति समर्थ सिंह कब पुलिस की गिरफ्त में आता है।