मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। 32 वर्षीय महिला अनीता सिंह ने अपनी तीन बेटियों को कीटनाशक खिला दिया और फिर खुद भी उसका सेवन कर लिया। इस घटना में चारों की मौत हो गई है।
यह घटना शहडोल जिला मुख्यालय से लगभग 125 किलोमीटर दूर ब्योहारी इलाके के हिरवार गांव में हुई। पुलिस के अनुसार, महिला ने पहले अपनी बेटियों को कीटनाशक दिया और फिर खुद भी उसका सेवन कर लिया। घटना में दो बच्चियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्ची और महिला की इलाज के दौरान जान गई।
बड़ी बेटी ने पड़ोसियों को दी थी जानकारी
पपौंध के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) बृजेंद्र मिश्रा ने बताया कि अनीता सिंह (32) ने शनिवार रात को खुद कीटनाशक खाने से पहले अपनी तीनों बेटियों को भी वही कीटनाशक खिला दिया था। इसके तुरंत बाद रितिका (4) और कृष्णकुमारी (2) की मौत हो गई।
सबसे बड़ी लड़की ने पड़ोसियों को बताया था कि उसकी मां ने बच्चों को कीटनाशक दिया था। बच्ची ने पड़ोसियों को यह भी बताया कि जहरीला पदार्थ खिलाने के बाद उसकी मां ने घर में रखे दस्तावेजों, कपड़ों, तस्वीरों और अनाज में आग लगा दी थी।
अस्पताल में हुई दो और मौतें
SHO ने बताया कि डॉक्टरों ने महिला और उसकी दो छोटी बेटियों को अस्पताल पहुंचने पर ही मृत घोषित कर दिया था, जबकि तीसरी बेटी अर्पिता की मौत रविवार को हुई। इस तरह चारों की मौत हो गई।
घटनास्थल से पुलिस ने एल्युमिनियम फॉस्फाइड का एक पैकेट बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर कीटनाशक के रूप में किया जाता है। यह बेहद जहरीला पदार्थ होता है और इसके सेवन से तुरंत मौत हो सकती है।
ससुराल वालों से अलग रहती थी महिला
शुरुआती जांच के अनुसार, अनीता अपने बच्चों के साथ अपने ससुराल वालों से अलग रहती थी। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर उसने ऐसा कदम क्यों उठाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बड़ी बच्ची यह नहीं बता पाई कि उसकी मां ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस महिला के रिश्तेदारों के बयान दर्ज कर रही है और इस मामले में एक केस दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है।
पति हैदराबाद गया हुआ था
अनीता का पति, जो एक ड्राइवर है, हैदराबाद गया हुआ था और घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं था। पुलिस ने उसे घटना की सूचना दे दी है। वह अब वापस आ रहा है।
परिवार वाले इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं। पड़ोसियों और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। तीन मासूम बच्चियों और उनकी मां की मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है।
सामान को भी आग के हवाले किया
घटना के दौरान अनीता ने जहर खाने से पहले घर में रखे सभी दस्तावेजों, कपड़ों, तस्वीरों और अनाज में आग लगा दी थी। यह इशारा है कि वह अपने पीछे कोई निशान नहीं छोड़ना चाहती थी।
पड़ोसियों ने बताया कि धुआं देखकर जब वे घर की तरफ भागे, तब यह भयावह दृश्य देखा। तब तक बहुत देर हो चुकी थी और सबने जहर खा लिया था। उन्होंने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन तब तक चारों की जान जा चुकी थी।
क्या है मामले की तहकीकात?
पुलिस इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर अनीता ने ऐसा कदम क्यों उठाया। क्या परिवार में कोई कलह थी? क्या वह किसी मानसिक तनाव से गुजर रही थी? या फिर कोई और वजह थी?
अब तक मिली जानकारी के अनुसार, अनीता ससुराल वालों से अलग रहती थी। पति हैदराबाद में नौकरी करता है और अक्सर घर से दूर रहता है। क्या अकेलापन और आर्थिक तंगी उसके इस कदम की वजह बनी, यह जांच का विषय है।
हेल्पलाइन नंबर जारी, मदद की अपील
इस दुखद घटना ने एक बार फिर से मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या की रोकथाम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अगर आप या आपके किसी परिचित के मन में आत्महत्या का ख्याल आता है, तो यह बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है।
भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर तुरंत संपर्क करें। आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं। यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे। याद रखिए, जान है तो जहान है।
सोसाइटी के लिए चेतावनी
यह घटना पूरे समाज के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी है। हमें अपने आसपास के लोगों पर ध्यान देना चाहिए। अगर कोई व्यक्ति लगातार उदास, चिंतित या तनाव में दिखे, तो उसकी मदद करनी चाहिए।
कई बार लोग अपने मानसिक दर्द को छुपाते हैं और उन्हें बस किसी की एक बात की जरूरत होती है। एक छोटी सी बातचीत, एक गर्मजोशी भरा व्यवहार, किसी की जान बचा सकता है। अगर आपको लगता है कि कोई व्यक्ति मुश्किल में है, तो उससे बात करें, उसे समझाएं और जरूरत हो तो हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने में मदद करें।