मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शादी के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जबलपुर के एक निजी अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में टीम लीडर रतन शर्मा की शादी जिस युवती से कराई गई, वह पहले से ही शादीशुदा थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शादी में भाई बनकर कन्यादान कराने वाला युवक ही दुल्हन का असली पति निकला।
शादी के नाम पर पूरे परिवार ने मिलकर बनाई थी साजिश
रतन शर्मा के परिवार में पांच भाई हैं और किसी की भी शादी नहीं हुई थी। परिवार लंबे समय से अच्छे रिश्ते की तलाश कर रहा था। इसी बीच पड़ोसी सोनू तिवारी ने रतन के भाई गोविंद को एक रिश्ता बताया।
मुरैना में लड़की देखने गए थे परिवार वाले
सोनू तिवारी ने बताया कि मुरैना में उसका दोस्त सोनू उर्फ अजय चौहान अपनी गरीब मुंहबोली बहन राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल के लिए रिश्ता तलाश रहा है। रतन की मां और भाई लड़की देखने पहुंचे। फोटो पसंद आने के बाद रिश्ता तय कर दिया गया।
फर्जी परिवार ने निभाई पूरी रस्में
27 अप्रैल 2026 को आरोपी सोनू चौहान खुद को लड़की का भाई बताकर गोद भराई की रस्म करवाने पहुंचा। इसके बाद 7 मई को पाटनकर चौराहा स्थित सुखसागर होटल में हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई।
किसने निभाई क्या भूमिका?
- सोनू उर्फ अजय चौहान: खुद को दुल्हन का भाई बनकर आया
- माया देवी: सोनू की मां, दुल्हन की मां बनकर कन्यादान किया
- शिल्पी, राघवेंद्र, सत्येंद्र: दुल्हन के भाई-बहन और जीजा बनकर शामिल हुए
पूरे गिरोह ने एक परिवार की तरह शादी में हिस्सा लिया और रतन के परिवार का भरोसा जीत लिया।
मोबाइल की चैट ने खोला पूरा राज
शादी के बाद दुल्हन को विदा कर नाका चंद्रवदनी स्थित घर लाया गया। कुछ दिनों बाद रतन को शक हुआ कि दुल्हन लगातार मोबाइल पर किसी से चैट कर रही है।
एक रात चेक किया तो उड़ गए होश
एक रात रतन ने दुल्हन का मोबाइल चेक किया। व्हाट्सऐप चैट देखकर उनके होश उड़ गए। चैट से पता चला कि भाई बनकर शादी कराने वाला सोनू ही दीक्षा का असली पति है।
दोनों ने आगरा में किया था प्रेम विवाह
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दीक्षा और सोनू ने वर्ष 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था। उसके बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रह रहे थे।
लेकिन इस शादी को छिपाकर उन्होंने रतन शर्मा को ठगी का शिकार बनाया। पूरा गिरोह सुनियोजित तरीके से शादी कराकर लाखों रुपये के जेवर और नकदी लूटने की फिराक में था।
पुलिस ने सात आरोपियों पर दर्ज किया मामला
रतन और उनके परिवार ने तुरंत दुल्हन को पकड़ा और झांसी रोड थाने पहुंच गए। पुलिस ने निम्नलिखित सातों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया:
| क्रम | आरोपी का नाम | भूमिका |
|---|---|---|
| 1 | राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल | लुटेरी दुल्हन |
| 2 | सोनू उर्फ अजय चौहान | असली पति (भाई बनकर आया) |
| 3 | माया देवी | नकली सास (कन्यादान करने वाली) |
| 4 | शिल्पी परमार | नकली बहन |
| 5 | राघवेंद्र परमार | नकली जीजा |
| 6 | सत्येंद्र चौहान | नकली भाई |
| 7 | सोनू तिवारी | रिश्ता दिलाने वाला पड़ोसी |
अब क्या? एक गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी
दुल्हन दीक्षा को वन स्टॉप सेंटर भेजा गया है। उसके कथित पति सोनू चौहान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बाकी पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें रवाना कर दी गई हैं।
यह मामला बताता है कि कैसे लोग शादी जैसे पवित्र बंधन का इस्तेमाल ठगी के लिए कर रहे हैं। पुलिस अब इस पूरे गिरोह के खुलासे में जुटी है।