गुना के पूर्व एसपी अंकित सोनी को ‘हवाला कांड’ में नाम आने के बाद हटाया गया, लोकप्रिय अधिकारी के पक्ष में उतरी भीड़, प्रशासन पर बढ़ा दबाव
मध्य प्रदेश के गुना (Guna) से हटाए गए IPS अधिकारी अंकित सोनी (Ankit Soni) के तबादले (transfer) ने अब एक बड़े जन-आंदोलन (public movement) का रूप ले लिया है। जिस अफसर की प्रशंसा खुद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) कर चुके हैं, उनके ‘तथाकथित हवाला कांड’ (hawala case) में नाम आने और अचानक हुए ट्रांसफर से गुना की जनता में भारी रोष (anger) है।
जनता सड़कों पर उतरी
अंकित सोनी के पक्ष में शहरवासी पोस्टर-बैनर (posters and banners) लेकर सड़क पर उतर आए, जिन पर लिखा था- SUPPORT ANKIT SONI। रैली में युवा, छात्र-छात्राएं, महिलाएं और व्यापारी शामिल हुए। जनसैलाब (huge crowd) देखकर पुलिस को सुरक्षा बढ़ानी पड़ी। रैली में मप्र सरकार से निर्णय वापस लेने के नारे भी लगाए गए।
महिलाओं ने क्या कहा?
रैली में शामिल महिलाओं ने बताया कि अंकित सोनी को नेताओं ने साजिश (conspiracy) करते हुए जिले से हटवाया है। उनका कहना है कि बिना किसी सबूत के ट्रांसफर करना गलत है। उन्होंने कहा, “यदि पुलिस कप्तान हो तो अंकित सोनी जैसा (like Ankit Soni) ही होना चाहिए।”
अंकित सोनी की लोकप्रियता के कारण
गुना पुलिस अधीक्षक रहते हुए अंकित सोनी ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए थे:
- नाबालिग बच्चियों (minor girls) को बड़े पैमाने पर बरामद किया
- ऑपरेशन मुस्कान (Operation Muskan) के तहत लापता बच्चियों को उनके परिजनों से मिलवाया
- जुआ-सट्टा (gambling), ड्रग्स तस्करी (drug trafficking), नकली करेंसी (fake currency), संगठित अपराध (organized crime), वाहन चोरी (vehicle theft) जैसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई
क्या है पूरा मामला?
गुना पुलिस अधीक्षक रहते हुए अंकित सोनी का नाम हाल ही में एक तथाकथित हवाला कांड (alleged hawala case) में आया था, जिसके बाद उनका तबादला (transfer) जिले से बाहर कर दिया गया। फिलहाल अंकित सोनी को पुलिस मुख्यालय (police headquarters) में पदस्थ किया गया है। उनकी जगह 2017 बैच की IPS अधिकारी हितिका वासल (Hitika Vasal) को गुना का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।