प्रशासन ने शुरू किया 15 दिवसीय अभियान, भदभदा में पहले दिन 9 दुकानें ढहाईं, भोज वेटलैंड रूल्स के तहत कार्रवाई, विरोध के बीच प्रशासन ने कहा- पीछे नहीं हटेंगे
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) की लाइफलाइन (lifeline) कही जाने वाली बड़ी झील (Upper Lake) के किनारे अब तक की सबसे बड़ी बुलडोजर कार्रवाई (bulldozer action) शुरू हो गई है। भीड़भाड़ और अवैध निर्माणों (illegal constructions) ने यहां घूमने आने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं, जिसके बाद प्रशासन ने यह बड़ा अभियान (campaign) शुरू किया है।
कितने अवैध निर्माण होंगे ध्वस्त?
6 अप्रैल (April 6) से शुरू हुआ यह अभियान 21 अप्रैल (April 21) तक चलेगा। कुल 15 दिनों (15 days) तक चलने वाली इस कार्रवाई में जिला प्रशासन (district administration) ने 347 अतिक्रमण (347 encroachments) चिन्हित (marked) किए हैं, जो तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) के 50 मीटर (50 meters) दायरे में आते हैं।
पहले दिन भदभदा में चला ‘पीला पंजा’
अभियान के पहले दिन भदभदा (Bhadbhada) इलाके में बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। यहां 9 दुकानों (9 shops) पर प्रशासन का बुलडोजर चला। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल (police force) तैनात रहा, ताकि किसी भी विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों (traders) ने विरोध (protest) जताया, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह कार्रवाई नियमानुसार (according to rules) की जा रही है और पीछे नहीं हटेगी (will not back down) ।
भोज वेटलैंड रूल्स के तहत कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि 16 मार्च 2022 (March 16, 2022) को भोज वेटलैंड रूल्स (Bhoj Wetland Rules) लागू होने के बाद बड़ा तालाब से 50 मीटर (50 meters) के दायरे में किसी भी तरह के निर्माण को अवैध (illegal) माना जाएगा। इसी नियम के तहत सभी निर्माण हटाए जाएंगे।
प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई तालाब की पारिस्थितिकी (ecology) , जलस्तर (water level) और पर्यावरण संरक्षण (environment protection) के लिए जरूरी है।
बड़ी झील का इतिहास और महत्व
भोपाल की बड़ी झील (Upper Lake) को भोजताल (Bhoj Tal) भी कहा जाता है। यह 11वीं शताब्दी (11th century) में राजा भोज (Raja Bhoj) द्वारा निर्मित भारत की सबसे पुरानी मानव निर्मित झीलों (man-made lakes) में से एक है। यह आज भोपाल शहर की पहचान (identity) भी है।
- यह शहर के पीने के पानी (drinking water) का मुख्य स्रोत (main source) है।
- 2002 में इसे ‘रामसर साइट’ (Ramsar Site) का दर्जा (status) मिला।
- यहां बोट क्लब (Boat Club) , खूबसूरत व्यू (beautiful view) और वॉटर स्पोर्ट्स (water sports) पर्यटकों (tourists) को आकर्षित करते हैं।