मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ऑटो चालकों ने अपनी आर्थिक परेशानियों को अनोखे अंदाज में सामने रखते हुए फटी चड्डी दिखाकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बढ़ती महंगाई, डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में आयोजित किया गया।
ड्राइवरों ने सरकार से ऑटो किराए में बढ़ोतरी की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ते खर्च, वाहन की किस्त और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच गुजारा करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
‘किस्त भरते-भरते चड्डी फट गई’
प्रदर्शन के दौरान ऑटो चालकों ने फटी चड्डी दिखाकर अपनी आर्थिक स्थिति का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि ऑटो की किस्त, फ्यूल खर्च, गाड़ी का रखरखाव और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते-निभाते उनकी आर्थिक हालत खराब हो चुकी है।
चालकों ने कहा, ‘किस्त भरते-भरते चड्डी फट गई है। इतनी महंगाई में परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है।’ यह एक तीखा व्यंग्य था, जिसने सभी का ध्यान खींचा।
नवीन छावनी पठार पर आयोजित हुआ धरना
नवीन छावनी पठार, रायसेन रोड स्थित शनि मंदिर के पास आयोजित धरना-प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। प्रदर्शन में ऑटो संगठन के अध्यक्ष गोल्डन संजू अहिरवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ऑटो चालक शामिल हुए।
संगठन से जुड़े पुषेन्द्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने भी चालकों की समस्याओं को उठाया। सभी ने मिलकर अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से सरकार के सामने रखा।
ऑटो किराए में लंबे समय से नहीं हुआ संशोधन
ऑटो संगठन के अध्यक्ष गोल्डन संजू अहिरवार ने कहा कि फ्यूल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, लेकिन ऑटो किराए में लंबे समय से कोई संशोधन नहीं किया गया है। इससे हजारों ऑटो चालकों की आय प्रभावित हो रही है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऑटो किराए का पुनर्निर्धारण किया जाए। ताकि चालक समय पर वाहन की किस्त जमा कर सकें और अपने परिवार का बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर सकें।
महंगाई का खतरनाक असर मेहनतकश वर्ग पर
पुषेन्द्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे अधिक असर मेहनतकश वर्ग पर पड़ रहा है। ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों के कारण रोजाना की कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता है।
बचत करना तो दूर, परिवार की बुनियादी जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है। ऑटो चालक दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन उनकी कमाई मुश्किल से गुजारा कर पाती है।
सीएनजी, पेट्रोल-डीजल के दाम ने बढ़ाई मुश्किल
पिछले कुछ महीनों में सीएनजी, पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। ऑटो चालकों के लिए यह सबसे बड़ी मुश्किल है क्योंकि उनकी रोजाना की कमाई का 40-50 प्रतिशत हिस्सा केवल ईंधन पर ही खर्च हो जाता है।
इसके अलावा ऑटो की किस्त, रखरखाव, इंश्योरेंस और परिवार का खर्च मिलाकर देखें तो महीने के अंत में बचता ही कुछ नहीं है। चालकों का कहना है कि अगर किराया नहीं बढ़ा तो उनका गुजारा करना मुश्किल हो जाएगा।
फटी चड्डी दिखाकर क्यों किया प्रदर्शन?
ऑटो चालकों ने फटी चड्डी दिखाकर इसलिए प्रदर्शन किया ताकि सरकार और समाज को उनकी आर्थिक स्थिति का अंदाजा हो सके। वह कहते हैं कि जब हालत ही इतनी खराब है कि नई चड्डी खरीदने के पैसे नहीं बचते, तो उनकी मजबूरी समझी जा सकती है।
यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन सिर्ला ध्यान आकर्षित करने का एक तरीका था। चालकों ने कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं, और सरकार से अनुरोध है कि उनकी बात सुनी जाए।
क्या बोले ऑटो चालक?
प्रदर्शन में शामिल एक ऑटो चालक ने कहा, ‘दिन भर धूप-बारिश में ऑटो चलाते हैं, लेकिन जब महीने का हिसाब लगाते हैं तो पता चलता है कि कमाई खर्चों से कम है। बच्चों की पढ़ाई का खर्च, घर का खर्च, ऑटो का खर्च… सबने घेर रखा है।’
एक अन्य चालक ने कहा, ‘सरकार को समझना होगा कि अगर ऑटो किराया नहीं बढ़ेगा तो हम लोगों का गुजारा मुश्किल हो जाएगा। हमने मजबूरी में यह प्रदर्शन किया है।’
सरकार से की उम्मीद
प्रदर्शन के दौरान चालकों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें प्रशासन और सरकार तक पहुंचाईं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द ही ऑटो किराए में उचित संशोधन किया जाएगा।
उनका कहना है कि यदि किराया बढ़ाया जाता है तो इससे हजारों ऑटो चालकों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी। अभी तक सरकार की ओर से इस मांग पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
यह पहली बार नहीं है
ऑटो ड्राइवरों का यह अनोखा प्रदर्शन पहली बार नहीं है। इससे पहले भी कई शहरों में चालक इस तरह के प्रतीकात्मक प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन फटी चड्डी दिखाने वाला प्रदर्शन अपने आप में अनूठा था।
इस तरह के प्रदर्शन से न सिर्फ सरकार का ध्यान आकर्षित होता है, बल्कि आम जनता भी चालकों की समस्याओं को समझती है। उम्मीद है कि इस बार भी सरकार चालकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।
अगले कदम का इंतजार
फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। अब ऑटो चालक सरकार के फैसले का इंतजार करेंगे। अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वह और अधिक सख्त आंदोलन की चेतावनी भी दे सकते हैं।
चालकों का कहना है कि वह कोई हड़ताल नहीं करना चाहते, क्योंकि इससे आम जनता को परेशानी होगी। लेकिन अगर सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी, तो उनके पास दूसरा विकल्प नहीं बचेगा।