अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान की नौसेना ने होर्मुज स्ट्रेट को अगले नोटिस तक बंद करने का ऐलान किया तो अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भीषण अटैक कर दिया।
ईरान की ओर से भी जवाबी हमले शुरू हो गए हैं, जिससे हालात फिर से बिगड़ते जा रहे हैं। एक बार फिर अमेरिका-ईरान के बीच हमलों का दौर तेज हो गया है।
ताजा तनाव की वजह क्या थी?
यह विवाद तब भड़का जब ईरान ने होर्मुज रूट को अगले नोटिस तक बंद करने का ऐलान कर दिया। कुछ ही घंटों के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक इलाकों पर हवाई हमला बोल दिया।
अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर सिटी बुशहर समेत कई शहरों को टारगेट किया। इस ताजा तनाव की वजह एक कमर्शियल जहाज पर IRGC का हमला है।
ईरान ने क्यों किया जहाज पर हमला?
ईरान नौसेना का दावा है कि जहाज ने तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया, साथ ही अपने नेविगेशन सिस्टम भी बंद कर दिए और चेतावनी के बाद भी रास्ता नहीं बदला। जिसके चलते इस जहाज को निशाना बनाया गया।
इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव फिर से भड़क गया। ईरान ने साफ चेतावनी दी कि जब तक क्षेत्र में अमेरिका का दखल खत्म नहीं होता, तब तक होर्मुज खोला नहीं जाएगा।
अमेरिका ने 300 से अधिक ठिकानों पर किए हमले
ईरान पर हुए ताजा हमले के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि पिछले तीन दिनों में ईरान के 300 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं, ताकि होर्मुज स्ट्रेट पर व्यापारिक जहाजों पर ईरान की क्षमता को कमजोर किया जा सके।
अमेरिकी सेना ने यह दावा भी किया कि अब तक उसने 800 से अधिक व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट पार कराने में मदद की है, जिनमें करीब 40 करोड़ बैरल तेल ले जा रहे जहाज भी शामिल थे।
IRGC ने कतर के अल उदीद बेस पर किया मिसाइल हमला
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने कतर स्थित अल उदीद एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। इस हमले में लड़ाकू विमानों के मेंटेनेंस और रिपेयर सेंटर के साथ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को भी निशाना बनाया गया।
IRGC ने ओमान के दुक्म पोर्ट पर भी हमले का दावा किया। उसने कहा कि अमेरिकी विमानवाहक पोतों में इस्तेमाल होने वाले लॉजिस्टिक सपोर्ट सेंटर और ईंधन भरने वाले प्लेटफॉर्म पर बड़ा हमला किया गया और अमेरिकी ठिकाने को पूरी तरह तबाह कर दिया गया।
क्या होर्मुज पूरी तरह बंद होगा?
इस तनाव के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या होर्मुज को लेकर फिर छिड़ती जंग के बीच रूट पूरी तरह ब्लॉक होगा? क्या एक बार फिर दुनिया के सामने तेल और गैस का संकट खड़ा होगा?
ईरान का रुख साफ है कि वह किसी भी कीमत पर होर्मुज पर अपने अधिकार को कम करने को तैयार नहीं है। ईरान ने साफ कहा है कि होर्मुज पर उसका नियंत्रण जारी रहेगा।
क्या बातचीत से बनेगी बात?
जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई तो परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट, दो ऐसे मुद्दे थे जिन पर ईरान अमेरिका की मांगें मानने को तैयार नहीं था।
हालांकि किसी तरह बात आगे बढ़ी और ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोला, लेकिन अब इसी स्ट्रेट को लेकर फिर से युद्ध का मोर्चा खुल गया है। अमेरिका ने जिस तरह से ईरान पर हमला बोला है, उससे महायुद्ध का खतरा मंडरा रहा है।
आगे क्या?
साफ है कि मध्य-पूर्व में जंग अब नए मोड़ पर पहुंचती जा रही है। अमेरिका के हमले और ईरान के जवाब के बाद स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है।
अब देखना यह होगा कि क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संकट को शांत करने में सफल होता है या यह तनाव पूर्ण युद्ध में बदल जाता है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी हैं।