अंबरनाथ | महाराष्ट्र के अंबरनाथ में एक बिल्ली को 12वीं मंजिल से नीचे फेंककर मारने के मामले में लोगों में भारी आक्रोश है। सोमवार (3 अगस्त) को बड़ी संख्या में पशुप्रेमियों ने कैंडल मार्च निकालकर आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। घटना का सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के बाद से ही लोगों में गुस्सा है और पुलिस द्वारा अब तक आरोपी को गिरफ्तार न करने पर नाराजगी जताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 26 जुलाई को अंबरनाथ के पालेगांव स्थित रॉयल फ्लोरा फेज-2 सोसायटी में हुई। आरोप है कि राजू सालुंके नामक व्यक्ति ने इमारत की 12वीं मंजिल की कॉमन लॉबी में मौजूद एक बिल्ली को नीचे धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पूरी घटना सोसायटी के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद पशुप्रेमियों और स्थानीय लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
कैंडल मार्च और प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों ने अंबरनाथ के छत्रपति शिवाजी महाराज चौक से हुतात्मा चौक तक कैंडल मार्च निकाला। हाथों में मोमबत्तियाँ और विरोध पोस्टर लिए पशुप्रेमियों ने “बिल्ली को न्याय दो” और “आरोपी को गिरफ्तार करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जो कानूनी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।
पुलिस की कार्रवाई
एक पशुप्रेमी की शिकायत पर अंबरनाथ के शिवाजीनगर पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सोसायटी पहुंचकर आरोपी से पूछताछ की, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है। एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि घटना के बाद बिल्ली के शव को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के दफना दिया गया था। हालांकि, बाद में पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
आगे क्या?
पशुप्रेमियों का कहना है कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे न्याय की मांग उठाते रहेंगे। फिलहाल शिवाजीनगर पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इस तरह की निर्मम घटनाओं पर रोक लग सके।