दिल्ली पुलिस ने सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर की प्रोटेस्ट साइट से हटाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया है। वह पिछले 20 दिनों से अनशन पर थे और 21वें दिन पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और डॉक्टरों की सलाह पर की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भी जंतर-मंतर से हटाना शुरू कर दिया है।
20 जुलाई को संसद मार्च की थी योजना
सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को संसद तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की बात कही थी। उन्होंने देशवासियों से इस मार्च में जुटने की भी अपील की थी।
लेकिन इससे पहले ही उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। पुलिस ने उन्हें सफेद चादर की आड़ में स्टेज से उठाकर एंबुलेंस में ले जाया।
प्रदर्शनकारियों ने लगाया ‘जबरन घसीटने’ का आरोप
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि वांगचुक को पुलिस ने जबरन घसीटा। वहीं, पुलिस का कहना है कि उन्होंने अदालत के आदेशों का पालन किया।
प्रदर्शनकारियों में शामिल एक शख्स ने बताया कि 18 जुलाई को लगभग दस पुलिस वाले आए और दावा किया कि वे मेडिकल टीम से हैं। उन्होंने बताया, “हमें पता चल गया कि वे पुलिस वाले हैं क्योंकि वे डॉक्टर जैसे नहीं लग रहे थे।”
DCP ने क्या बताया?
नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा ने बताया कि हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए और मेडिकल सलाह के आधार पर सोनम वांगचुक को मेडिकल इलाज के लिए अस्पताल में ले जाया गया है।
DCP ने एक पोस्ट में बताया कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाते वक्त प्रदर्शनकारियों ने अड़चन डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी अफरातफरी मची। उन्होंने जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से वहां से हटने की अपील की है।
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया है। उन्हें इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों की टीम ने हेल्थ अपडेट देते हुए कहा कि उनके वाइटल्स नॉर्मल हैं, हाइपोटेंसिव और हाइपोग्लाइसेमिक ECG भी नॉर्मल हैं। वह होश में हैं और उनकी हालत स्थिर है।
हाई कोर्ट का आदेश था आधार
दिल्ली हाई कोर्ट में सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सरकार को आदेश दिया था कि एक्टिविस्ट की सेहत हर रोज मॉनिटर होनी चाहिए।
साथ ही यह भी कहा कि अगर जबरदस्ती मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़े तो वह भी करें। इसी आदेश के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।