भारत में युवाओं की शिक्षा और रोजगार को लेकर NITI Aayog की नई रिपोर्ट ने एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार देश में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 8.7 करोड़ युवा ऐसे हैं जो न पढ़ाई कर रहे हैं, न नौकरी कर रहे हैं और न ही किसी कौशल प्रशिक्षण (Training) का हिस्सा हैं। इस श्रेणी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर NEET (Not in Education, Employment or Training) कहा जाता है।
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इस समूह के करीब 88% लोग घरेलू कामों में लगे हुए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समस्या केवल बेरोजगारी तक सीमित नहीं है बल्कि सामाजिक और कौशल संबंधी चुनौतियाँ भी इसमें शामिल हैं।
एक नजर में रिपोर्ट की बड़ी बातें
| विषय | आंकड़ा |
|---|---|
| NEET युवाओं की संख्या | 8.7 करोड़ |
| आयु वर्ग | 15-29 वर्ष |
| कुल हिस्सेदारी | लगभग 11% |
| घरेलू काम करने वाले | करीब 88% |
| डेटा स्रोत | NSS 78वां दौर (2021) |
NEET क्या होता है?
NEET (Not in Education, Employment or Training) उन युवाओं को कहा जाता है जो:
- किसी स्कूल या कॉलेज में पढ़ाई नहीं कर रहे,
- किसी नौकरी में नहीं हैं,
- किसी स्किल ट्रेनिंग या अप्रेंटिसशिप कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं।
यह संकेतक किसी देश की शिक्षा व्यवस्था, रोजगार बाजार और कौशल विकास की स्थिति को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
आखिर इतने युवा इस स्थिति में क्यों हैं?
रिपोर्ट बताती है कि इसके पीछे कई कारण हैं।
1. महिलाओं की कम श्रम भागीदारी
NEET श्रेणी में बड़ी संख्या महिलाओं की है, जो घरेलू जिम्मेदारियों के कारण शिक्षा या रोजगार से दूर हो जाती हैं। सुरक्षित परिवहन, सामाजिक मान्यताएं और अवसरों की कमी भी इसमें भूमिका निभाती हैं।
2. शिक्षा और नौकरी के बीच गैप
कई युवाओं के पास डिग्री होने के बावजूद उनकी पढ़ाई उद्योग की जरूरतों से मेल नहीं खाती। इससे योग्य उम्मीदवार भी रोजगार पाने में कठिनाई महसूस करते हैं।
3. स्किल ट्रेनिंग तक सीमित पहुंच
देश के कई हिस्सों में गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप के अवसर अभी भी पर्याप्त नहीं हैं।
NITI Aayog ने क्या समाधान सुझाए?
Reimagining Skilling for Viksit Bharat@2047 रिपोर्ट में कौशल विकास व्यवस्था को बदलने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं।
प्रमुख सिफारिशें
- स्कूल स्तर पर स्किल एजुकेशन को मजबूत करना।
- अप्रेंटिसशिप के अवसर बढ़ाना।
- National Credit Framework को प्रभावी तरीके से लागू करना।
- Digital Skills Passport जैसी व्यवस्था विकसित करना।
- राज्यों की जरूरतों के अनुसार क्षेत्रीय स्किल प्रोग्राम तैयार करना।
- Outcome-based Financing और Public-Private Partnership (PPP) को बढ़ावा देना।
यह रिपोर्ट क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है। यदि करोड़ों युवा शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से बाहर रहते हैं तो इसका असर कई क्षेत्रों पर पड़ सकता है:
- आर्थिक विकास
- रोजगार सृजन
- महिलाओं की कार्य भागीदारी
- उद्योगों को कुशल कार्यबल की उपलब्धता
- विकसित भारत 2047 के लक्ष्य
यही वजह है कि रिपोर्ट कौशल विकास को केवल रोजगार कार्यक्रम नहीं बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक रणनीति का हिस्सा मानती है।
Quick Answer
प्रश्न: भारत में कितने युवा नौकरी, पढ़ाई और ट्रेनिंग से बाहर हैं?
उत्तर: NITI Aayog की 2026 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 15-29 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 8.7 करोड़ युवा ऐसे हैं जो न शिक्षा में हैं, न रोजगार में और न ही किसी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हैं। इनमें से करीब 88% घरेलू कामों में लगे हुए हैं।