मदर्स डे के मौके पर कूनो नेशनल पार्क ने चीता माताओं को समर्पित की शॉर्ट फिल्म, प्रोजेक्ट चीता के तहत साढ़े तीन साल में चीतों का कुनबा बढ़कर 57 हुआ, 49 शावकों ने लिया जन्म, 37 शावक पूरी तरह स्वस्थ, 5 मादा चीतों ने दिए शावक, अब 15 चीते खुले जंगल में स्वतंत्र
मदर्स-डे (Mother’s Day) के मौके पर कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) प्रबंधन ने चीता माताओं (cheetah mothers) के संघर्ष और मातृत्व (motherhood) को समर्पित एक शॉर्ट फिल्म (short film) जारी की, जो भारतीय जंगलों (Indian forests) में चीतों की नई पीढ़ी (new generation) को बसाने में उनकी भूमिका (role) को दर्शाती है।
प्रोजेक्ट चीता की सफलता (Project Cheetah success)
| विवरण (Detail) | संख्या/जानकारी (Number/Information) |
|---|---|
| कुल चीते (Total cheetahs) | 57 (fifty-seven) |
| कुल शावक (Total cubs born) | 49 (forty-nine) (पिछले साढ़े तीन वर्षों में – last three and a half years) |
| स्वस्थ शावक (Healthy cubs) | 37 (thirty-seven) |
| मादा चीतों ने दिए शावक (Females who gave birth) | नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से आई 6 मादा चीतों (6 female cheetahs) में से 5 (five) ने शावकों को जन्म दिया है |
| भारत में जन्मी मादा (India-born female) | 2 (two) मादा चीतों ने भी सफलतापूर्वक प्रजनन (successfully reproduced) किया |
चीतों का विस्तार क्षेत्र (Cheetahs’ expansion area)
वर्तमान में चीते कूनो (Kuno) और उसके आसपास के करीब 5 हजार वर्ग किलोमीटर (5,000 sq km) क्षेत्र में अपनी उपस्थिति (presence) दर्ज करा चुके हैं। इसमें शामिल हैं:
- श्योपुर (Sheopur)
- ग्वालियर (Gwalior)
- मुरैना (Morena)
- राजस्थान (Rajasthan) के कुछ हिस्से
खुले जंगल में स्वतंत्र चीते (Cheetahs free in the open forest)
फिलहाल 15 चीते (15 cheetahs) खुले जंगल (open forest) में स्वतंत्र रूप से (freely) विचरण कर रहे हैं।
प्रोजेक्ट की सफलता के कारण (Reasons for project success)
| कारण (Reason) | विवरण (Description) |
|---|---|
| आनुवंशिक विविधता (Genetic diversity) | अलग-अलग देशों से लाए गए चीतों के कारण इनब्रीडिंग (inbreeding) का खतरा (danger averted) टल गया है |
| दूसरी पीढ़ी (Second generation) | एफ-2 जेनरेशन (F-2 generation) के शावकों का आना इस बात का सबूत (proof) है कि भारत में चीतों की आबादी (population) अब धीरे-धीरे आत्मनिर्भर (self-reliant) बन रही है |
| मादा चीतों का योगदान (Female cheetahs’ contribution) | प्रोजेक्ट की सफलता में मादा चीतों (female cheetahs) का योगदान सबसे अहम (most important) रहा है |
माताओं की भूमिका (Role of mothers)
कूनो पार्क की इन माताओं (mothers) ने:
- न सिर्फ खुद को भारत के माहौल (Indian environment) में ढाला (adapted)
- बल्कि अपने शावकों (cubs) को भी शिकार (hunting) और सुरक्षा (protection) के उपाय सिखाए (taught)
आगे की योजना (Future plan)
कूनो प्रबंधन (management) अब नए क्षेत्रों (new areas) में भी चीतों को बसाने (relocate) की तैयारी (preparation) कर रहा है, जहां दक्षिण अफ्रीका (South Africa), नामीबिया (Namibia) और भारत (India) में जन्मे चीतों का एक मिला-जुला समूह (mixed group) रखा जाएगा।
प्रोजेक्ट चीता के डायरेक्टर का बयान (Statement of Project Cheetah Director)
प्रोजेक्ट चीता के डायरेक्टर (Project Cheetah Director) उत्तम कुमार शर्मा (Uttam Kumar Sharma) ने बताया:
- कूनो पार्क में चीता प्रोजेक्ट (Cheetah Project) सफलता के नए आयाम (new dimensions of success) गढ़ रहा है।
- विदेशी धरती (foreign land) से चीते लाकर बसाए गए, जिन्होंने यहां नई पीढ़ी (new generation) को जन्म देकर चीता प्रोजेक्ट को सफल (successful) बनाया है।
- 10 मई (May 10) को मदर्स-डे (Mother’s Day) है, इसलिए हमने मां के रूप में (as mothers) मादा चीताओं और उनके शावकों की ममत्वमयी तस्वीर (loving picture) पेश करने का प्रयास किया है।