देश की पहली माइक्रोएल्गी आधारित कार्बन कैप्चरिंग तकनीक भोपाल के विवेकानंद पार्क में लॉन्च, एक यूनिट सालाना 1.5 टन CO2 कम करेगी, 25 पेड़ों के बराबर होगी क्षमता, शहरों की वायु गुणवत्ता सुधारने में मिलेगी मदद
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल (Bhopal) में पर्यावरण संरक्षण (environment protection) की दिशा में एक बड़ी पहल (big initiative) की गई है। देश में पहली बार वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड (carbon dioxide) सोखने वाली आधुनिक ‘एल्गी ट्री’ (Algae Tree) तकनीक (technology) की शुरुआत भोपाल से हुई है।
कहां लगाया गया (Where has it been installed)?
इस नई तकनीक को अशोका गार्डन (Ashoka Garden) स्थित विवेकानंद पार्क (Vivekanand Park) में स्थापित (installed) किया गया है।
एल्गी ट्री क्या है (What is Algae Tree)?
| विवरण (Detail) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| विकासकर्ता (Developer) | मशरूम वर्ल्ड ग्रुप (Mushroom World Group) |
| प्रकार (Type) | माइक्रोएल्गी आधारित सिस्टम (Microalgae-based system) |
| कार्य (Function) | वातावरण से कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) को अवशोषित (absorb) कर ऑक्सीजन (oxygen) छोड़ता है |
| विकास में समय (Development time) | करीब दो साल (two years) |
| टीम (Team) | 50 से अधिक विशेषज्ञों (over 50 experts) , शोधकर्ताओं (researchers) और इंजीनियरों (engineers) की टीम |
एल्गी ट्री की क्षमता (Capacity of Algae Tree)
| विवरण (Detail) | क्षमता (Capacity) |
|---|---|
| कार्बन अवशोषण (Carbon absorption) | 25 पेड़ों के बराबर (equivalent to 25 trees) |
| सालाना CO2 कमी (Annual CO2 reduction) | करीब 1.5 टन (about 1.5 tonnes) तक |
किन जगहों पर लगाया जा सकता है (Where can it be installed)?
इस तकनीक को कम जगह (less space) में अधिक प्रभावी (more effective) तरीके से कार्बन नियंत्रित (control carbon) करने के लिए डिजाइन (designed) किया गया है। इसे आसानी से लगाया जा सकता है:
- सार्वजनिक स्थानों (public places)
- पार्कों (parks)
- व्यस्त बाजारों (busy markets)
- संस्थानों (institutions)
- ट्रैफिक वाले इलाकों (traffic areas)
क्यों है यह तकनीक खास (Why is this technology special)?
पर्यावरण विशेषज्ञों (environmental experts) का मानना है कि:
- तेजी से बढ़ते शहरीकरण (urbanization) और वाहनों से निकलने वाले धुएं (vehicle emissions) के कारण शहरों में प्रदूषण (pollution) लगातार बढ़ रहा है।
- ‘एल्गी ट्री’ जैसी तकनीक स्थानीय स्तर पर (locally) कार्बन लोड (carbon load) कम करने, तापमान संतुलित (balance temperature) रखने और लोगों को स्वच्छ हवा (clean air) उपलब्ध कराने में मदद कर सकती है।
भोपाल बना पहला शहर (Bhopal becomes the first city)
भोपाल अब देश का पहला शहर (first city of the country) बन गया है, जहां इस तकनीक को सार्वजनिक रूप से (publicly) लागू (implemented) किया गया है। कंपनी ने भविष्य में देश के अन्य शहरों (other cities) में भी इस तकनीक का विस्तार (expansion) करने की योजना (plan) बनाई है।
यदि यह प्रयोग (experiment) सफल (successful) रहता है, तो आने वाले वर्षों में भारत के कई बड़े शहरों में ‘एल्गी ट्री’ प्रदूषण नियंत्रण (pollution control) का नया माध्यम (new medium) बन सकता है।