सतना सेंट्रल जेल में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट फिरोजा खातून और उम्रकैदी धर्मेंद्र सिंह के बीच पनपा प्यार, जेल से रिहाई के चार साल बाद 5 मई को लवकुश नगर में वैदिक रीति से रचाई शादी, धर्मेंद्र ने शादी के कार्ड में बदलवाया नाम, परिवार के विरोध के बावजूद अडिग रही फिरोजा, VHP नेता ने निभाई कन्यादान की रस्म
जेल… जहां लोग अपने किए की सजा काटते हैं। लेकिन मध्य प्रदेश के सतना (Satna) की सेंट्रल जेल (Central Jail) में एक ऐसी कहानी जन्म ले रही थी, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट (film script) जैसी लगती है।
दो अलग दुनिया के लोग (People from two different worlds)
| व्यक्ति (Person) | पहचान (Identity) |
|---|---|
| धर्मेंद्र सिंह (Dharmendra Singh) | हत्या (murder) के मामले में उम्रकैद (life imprisonment) की सजा काट रहा कैदी (convict) |
| फिरोजा खातून (Firoza Khatoon) | सतना सेंट्रल जेल में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट (Assistant Superintendent) (महिला अफसर) |
धर्मेंद्र सिंह कौन है (Who is Dharmendra Singh)?
- छतरपुर (Chhatarpur) जिले के चंदला इलाके का रहने वाला था।
- साल 2007 (Year 2007) में एक पार्षद की हत्या (councillor’s murder) और शव दफनाने के मामले में गिरफ्तार (arrested) हुआ।
- अदालत (court) ने उसे उम्रकैद (life imprisonment) की सजा सुनाई।
जेल में बदलाव (Change in jail)
- वक्त के साथ धर्मेंद्र का व्यवहार (behavior) बदलने लगा।
- वह अनुशासित (disciplined) रहने लगा था।
- अच्छे आचरण (good conduct) की वजह से उसे जेल के अंदर कुछ जिम्मेदारियां (responsibilities) भी दी गईं।
- वह वारंट (warrant) से जुड़े कामों में अधिकारियों (officers) की मदद करता था।
रिश्ते की शुरुआत (Beginning of the relationship)
वारंट से जुड़े कामों के दौरान धर्मेंद्र और फिरोजा की मुलाकातें (meetings) बढ़ने लगीं।
- शुरुआत में रिश्ता केवल अधिकारी और कैदी (officer and convict) तक सीमित था।
- धीरे-धीरे दोस्ती (friendship) भरोसे (trust) में बदली और फिर यह रिश्ता प्यार (love) तक पहुंच गया।
जेल से रिहाई और शादी (Release from jail and marriage)
- करीब 14 साल (14 years) जेल में बिताने के बाद धर्मेंद्र सिंह को अच्छे आचरण (good conduct) के आधार पर रिहा (released) कर दिया गया।
- जेल से रिहा होने के बाद भी दोनों लगातार संपर्क (contact) में रहे।
- करीब चार साल (four years) बाद दोनों ने फैसला लिया कि अब इस रिश्ते को एक नाम (name) दिया जाए।
शादी (Wedding)
| विवरण (Detail) | जानकारी (Information) |
|---|---|
| तारीख (Date) | 5 मई (May 5) |
| स्थान (Location) | लवकुश नगर (Lavkush Nagar) |
| रस्म (Ritual) | वैदिक मंत्रोच्चार (Vedic chanting) के बीच सात फेरे (seven rounds) |
शादी से जुड़ी खास बातें (Special things related to the wedding)
| बात (Thing) | विवरण (Detail) |
|---|---|
| नाम बदलना (Name change) | धर्मेंद्र ने शादी के कार्ड (card) में अपना नाम बदलवा दिया (changed his name) , ताकि शादी से पहले लोगों को उसकी असली पहचान (real identity) का पता न चले। |
| परिवार का विरोध (Family’s opposition) | फिरोजा खातून का परिवार (family) इस रिश्ते के खिलाफ (against) था। परिवार के लोगों ने शादी में हिस्सा नहीं लिया (did not participate) । |
| कन्यादान (Kanyadan) | विश्व हिंदू परिषद (VHP) के जिला उपाध्यक्ष राजबहादुर मिश्रा (Rajbahadur Mishra) और उनकी पत्नी ने फिरोजा का कन्यादान (Kanyadan) किया। उन्होंने फिरोजा को अपनी बेटी (own daughter) मानते हुए यह रस्म निभाई। |
फैंस की प्रतिक्रिया (Fans’ reaction)
सोशल मीडिया (social media) पर लोगों की प्रतिक्रियाओं (reactions) की बाढ़ आ गई:
- कोई इसे रीयल लाइफ जेल लव स्टोरी (real life jail love story) बता रहा है।
- कोई इसे इंसान के बदलने की मिसाल (example of a person changing) कह रहा है।
- कई लोग कह रहे हैं कि अगर कोई व्यक्ति अपनी गलती के बाद बदल जाता है, तो उसे जिंदगी में दूसरा मौका (second chance) मिलना चाहिए।
फिरोजा और धर्मेंद्र ने साफ कर दिया है कि उन्होंने यह फैसला (decision) पूरी समझदारी (understanding) और अपनी मर्जी (own will) से लिया है।