दिल्ली के परिवार ने जबलपुर में रिश्तेदार के गृह प्रवेश समारोह के बाद बरगी डैम घूमने का किया था फैसला, तेज हवाओं और लापरवाही ने ले ली कई जिंदगियां, मां ने मौत के बाद भी बेटे को सीने से लगा रखा था, परिजनों ने लाइफ जैकेट की कमी पर उठाए सवाल
बरगी डैम (Bargi Dam) की वह शाम… नर्मदा (Narmada) की लहरें खूबसूरत दिख रही थीं। पानी पर ढलते सूरज की सुनहरी किरणें बिखरी थीं। क्रूज (cruise) पर सवार लोग अपने परिवार के साथ यादगार पल कैमरे में कैद कर रहे थे। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही मिनटों बाद यही खूबसूरत शाम चीखों, आंसुओं और मौत की खामोशी (screams, tears and silence of death) में बदल जाएगी।
दिल्ली का परिवार भी था शामिल (Delhi family was also included)
दिल्ली के मायापुरी (Maya Puri, Delhi) की खजान बस्ती में रहने वाले प्रदीप (Pradeep) भी अपने परिवार के साथ इन्हीं खुशियों को जी रहे थे:
- परिवार जबलपुर (Jabalpur) एक रिश्तेदार के गृह प्रवेश समारोह (housewarming ceremony) में गया था।
- साथ में पत्नी (wife) , बेटा (son) , बेटी (daughter) , सास (mother-in-law) और अन्य परिजन थे।
- कार्यक्रम खत्म हुआ तो सभी ने बरगी डैम घूमने (visit Bargi Dam) का फैसला किया।
आखिरी कॉल (The last call)
मृतक की छोटी बहन (younger sister) ने बताया कि घटना के वक्त उनकी बड़ी बहन (elder sister) ने कॉल किया था:
- “हम डूब रहे हैं… हमें बचा लो (save us) … हमारे लिए प्रेयर करो (pray for us) ।”
- फिर कुछ ही देर बाद उनकी मौत की खबर (news of death) आई।
परिवार में कौन-कौन था (Who all were in the family)?
| सदस्य (Member) | संबंध (Relation) |
|---|---|
| मृतका की मां (Mother of deceased) | – |
| बड़ी बहन (Elder sister) | – |
| बड़ी बहन की बेटी (Elder sister’s daughter) | – |
| बड़ी बहन का बेटा (Elder sister’s son) | – |
| पिताजी (Father) | – |
| बहनोई (Brother-in-law) | – |
प्रदीप की पत्नी, बेटा और बेटी भी इसी परिवार का हिस्सा थे।
हादसे के दौरान क्या हुआ (What happened during the accident)?
- क्रूज पर सवार होते वक्त बच्चों के चेहरे पर उत्साह (excitement) था।
- परिवार सेल्फी (selfie) ले रहा था, बेटी मोबाइल से वीडियो (video) बना रही थी।
- तेज हवाएं चलने लगीं, पानी में उफान आने लगा।
- प्रदीप ने बताया कि उन्होंने लाइफ जैकेट (life jacket) उठाई ही थी कि क्रूज अचानक एक तरफ झुक गया (tilted) ।
- महज तीन मिनट (just three minutes) में पूरा सीन बदल गया।
मां ने मौत के बाद भी बेटे को सीने से लगा रखा था (Mother held son to her chest even after death)
सुबह जब रेस्क्यू (rescue) शुरू हुआ तो एक महिला और बच्चे का शव (body of a woman and a child) मिला। मां अपने बेटे को मौत के बाद भी सीने से लगाए हुई थी (mother was holding her son to her chest even after death) । जैसे ही प्रदीप ने अपनी पत्नी और बेटे (wife and son) को देखा, वह फफककर रो पड़े।
लापरवाही पर उठे सवाल (Questions raised over negligence)
हादसे के बाद कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं:
| सवाल (Question) | विवरण (Details) |
|---|---|
| येलो अलर्ट (Yellow Alert) के बावजूद क्रूज क्यों चलाया गया? | मौसम विभाग (Weather Department) ने तेज हवाओं (strong winds) का येलो अलर्ट जारी किया था। |
| लाइफ जैकेट क्यों नहीं थे (Why were there no life jackets)? | यात्रियों का आरोप है कि लाइफ जैकेट समय पर उपलब्ध नहीं कराई गईं (life jackets were not provided on time) । |
| नीचे के केबिन में फंसे लोग (People trapped in lower cabins) | जब खतरा बढ़ा, तो कई लोग नीचे के केबिन (lower cabins) में फंस गए। |
प्रशासन की कार्रवाई (Administration’s action)
- क्रूज चालक (cruise driver) , हेल्पर (helper) और टिकट काउंटर प्रभारी (ticket counter in-charge) को बर्खास्त (dismissed) कर दिया गया।
- बोट क्लब प्रबंधन (boat club management) पर भी कार्रवाई हुई है।
- मुख्यमंत्री (Chief Minister) ने उच्चस्तरीय जांच (high-level inquiry) के आदेश दिए हैं।
लेकिन सवाल वही है – क्या ये कार्रवाई उन मासूम जिंदगियों को लौटा सकती है (can these actions bring back those innocent lives)?