तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण नर्मदा बैकवाटर में पलटा क्रूज, 15 लोग सुरक्षित बचाए गए, SDRF और गोताखोर लापता लोगों की तलाश में जुटे, CM मोहन यादव ने 4-4 लाख मुआवजे का किया ऐलान, येलो अलर्ट के बावजूद क्रूज चलाने पर प्रशासन की लापरवाही उजागर
मध्य प्रदेश के जबलपुर (Jabalpur) के प्रमुख पर्यटन स्थल बरगी डैम (Bargi Dam) से एक दिल दहला देने वाली घटना (heart-wrenching incident) सामने आई है। यहां नर्मदा नदी (Narmada River) के बैकवाटर (backwater) में पर्यटकों (tourists) से भरा एक क्रूज (cruise) अचानक डूब (sank) गया। हादसे के वक्त क्रूज पर करीब 30 लोग (30 people) सवार बताए जा रहे हैं।
कैसे हुआ हादसा (How did the accident happen)?
जब क्रूज नर्मदा के गहरे बैकवाटर में था, तभी अचानक मौसम बदला (weather changed) और तेज हवाएं (strong winds) चलने लगीं। पानी की ऊंची लहरों (high waves) और तेज हवा के दबाव (wind pressure) के कारण क्रूज अपना संतुलन (balance) खो बैठा और देखते ही देखते पानी में समा गया (capsized)।
रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue operation)
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय नाविकों (local boatmen) और प्रशासन (administration) ने बचाव कार्य (rescue work) शुरू किया:
- 15 लोगों (15 people) को सुरक्षित (safely) पानी से बाहर निकाल लिया गया है।
- 6 शव (6 bodies) बरामद (recovered) किए गए हैं।
- कई लोग लापता (several missing) बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए गोताखोर (divers) और SDRF की टीमें जुटी हुई हैं।
टिकटों की संख्या (Number of tickets)
सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि बरगी बांध में क्रूज में कुल 29 यात्रियों (total 29 passengers) के टिकट जारी किए गए थे।
| विवरण (Detail) | संख्या (Number) |
|---|---|
| टिकट जारी (Tickets issued) | 29 |
| सुरक्षित बचाए गए (Rescued safely) | 15 |
| मृत (Deceased) | 6 |
| लापता (Missing) | शेष (Rest) |
सीएम मोहन यादव का बयान (CM Mohan Yadav’s statement)
मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने इस हादसे को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जानकारी दी:
- लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह (Rakesh Singh) , पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी (Dharmendra Singh Lodhi) , संभाग प्रभारी एसीएस, एडीजी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मौके पर पहुंचने (reach the spot) के निर्देश दिए हैं।
- संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूर्ण संवेदनशीलता (full sensitivity) के साथ प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
मुआवजे का ऐलान (Compensation announced)
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इस हादसे में जो जनहानि (loss of lives) हुई है, वह अत्यंत पीड़ादायक है:
- मृतकों के परिवारजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपये (Rs 4 lakh each) की आर्थिक सहायता (financial assistance) प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की लापरवाही उजागर (Administration’s negligence exposed)
बरगी डैम हादसे में प्रशासन की लापरवाही (negligence) उजागर हुई है:
- मौसम विभाग (Weather Department) ने जबलपुर में तेज हवाओं के चलने का येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया था।
- 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे (40-50 km/h) की रफ्तार से हवाओं के चलने का अलर्ट था।
- इसके बावजूद नर्मदा नदी में क्रूज चलाने दिया गया (cruise was allowed to operate) ।
परिजनों का दर्द (Grief of family members)
रेस्क्यू में बचाई गई एक महिला डैम किनारे अपनों के लिए बिलखती (sobbing) नजर आई। उसका कहना था कि वे सात लोग (seven people) क्रूज पर सवार थे, जिसमें एक बच्चा (child) भी था।
राजनीति तेज (Politics heats up)
इस घटना के बाद मध्य प्रदेश में राजनीति तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (Congress state president) जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने कहा:
- “यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था (security system) पर गंभीर सवाल (question) खड़ा करता है।
- जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही (accountability) तय होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति (recurrence) न हो।”