इंदौर फैमिली कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला, 2008 में शुरू हुआ रिश्ता अब खत्म, जानकी देवी को 2 करोड़ रुपये देने का आदेश, 8 साल में एक पैसा मेंटेनेंस नहीं मिला
इंदौर की फैमिली कोर्ट (Indore Family Court) ने आसाराम (Asaram) के बेटे नारायण साईं (Narayan Sai) और जानकी देवी (Janki Devi) के बीच चल रहे तलाक (divorce) के मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दोनों के बीच तलाक मंजूर (divorce granted) कर लिया है और साथ ही 2 करोड़ रुपये (Rs 2 crore) की एलिमनी (alimony) देने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
साल 2018 में जानकी देवी ने तलाक की अर्जी (divorce petition) दायर की थी। उस दौरान कोर्ट ने नारायण साईं को 50 हजार रुपये (Rs 50,000) हर महीने बतौर मेंटेनेंस (maintenance) देने का आदेश दिया था। इसके बावजूद नारायण साईं ने 8 साल (8 years) में एक भी पैसा जानकी देवी को नहीं दिया।
जानकी देवी के वकील (lawyer) के अनुसार, साल 2018 में जब जानकी हरपालानी (Janki Harpalani) ने तलाक की अर्जी दायर की, तब कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई के दौरान उन्हें हर महीने 50 हजार रुपये बतौर मेंटेनेंस देने का आदेश दिया था। यह आदेश इस आधार पर दिया गया था कि जब तक मामला कोर्ट में लंबित है, तब तक पत्नी को आर्थिक सहायता मिलती रहे।
लेकिन अदालत के आदेश (court order) के बावजूद जानकी को पिछले आठ वर्षों में एक भी रुपया नहीं मिला।
कोर्ट ने क्या कहा?
जानकी हरपालानी ने अपनी याचिका (petition) में मानसिक प्रताड़ना (mental harassment) सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे और एकमुश्त 5 करोड़ रुपये (Rs 5 crore) की मांग की थी। उन्होंने कोर्ट में अपने दावों के समर्थन में दस्तावेजी सबूत (documentary evidence) भी पेश किए।
दूसरी ओर, नारायण साईं ने इन आरोपों को गलत बताया था, लेकिन कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पत्नी के पक्ष (wife’s side) को अधिक ठोस माना।
फैसला (Judgment)
करीब 8 साल तक चली कानूनी लड़ाई (legal battle) के बाद 2 अप्रैल 2026 (April 2, 2026) को फैमिली कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया:
- तलाक मंजूर (Divorce granted)
- 3 महीने (3 months) के भीतर जानकी को 2 करोड़ रुपये (Rs 2 crore) बतौर स्थायी गुजारा भत्ता (permanent alimony) देने का आदेश
कोर्ट ने पिछले आठ वर्षों तक मेंटेनेंस न दिए जाने को भी गंभीरता से लिया।
नारायण साईं की स्थिति
बता दें कि नारायण साईं रेप केस (rape case) में उम्रकैद (life imprisonment) की सजा काट रहा है। वह गुजरात के सूरत जिले (Surat district, Gujarat) की जेल (jail) में बंद है। मार्च 2026 में नारायण साईं को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया और बयान दर्ज किए गए थे।
2008 में शुरू हुआ रिश्ता खत्म
2008 (2008) में शुरू हुआ यह रिश्ता अब 2026 (2026) में कानूनी तौर पर खत्म हो चुका है।