सूरत के मसाला व्यापारी ने AajTak को बताया- मेरे पास केवल 9.50 लाख थे, पैसे गिनने में गलती हुई, कभी शिकायत नहीं की, अब खुद बयान देने गुना पहुंचा
गुना (Guna) के बहुचर्चित ‘हवाला कांड’ (hawala case) में अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जिस कथित करोड़ों के हवाला के आधार पर तत्कालीन एसपी अंकित सोनी (Ankit Soni) का तबादला (transfer) किया गया और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा, वह पूरी तरह ‘मनगढंत’ (fabricated) निकला है।
मसाला व्यापारी ने खुद बताई हकीकत
सूरत (Surat) के मसाला व्यापारी दक्षित पटेल (Daxit Patel) ने AajTak से एक्सक्लूसिव चर्चा में बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पूरा मामला ही मनगढ़ंत था। करोड़ों के हवाला कारोबार की जो बात कही गई थी, दरअसल वह हुई ही नहीं थी।
कितने पैसे थे और क्या हुआ था?
व्यापारी ने बताया कि उनके पास केवल 9.50 लाख रुपये (Rs 9.50 lakh) थे, जो गुजरात से दिल्ली भेजे गए थे। दिल्ली में दूसरा व्यापारी नहीं मिला तो उनका ड्राइवर स्कॉर्पियो गाड़ी (GJ05 RK 9351) से पैसे वापस लेकर इंदौर (Indore) लौट रहा था।
तभी गुना की रूठियाई पुलिस चौकी (Ruthiyai police post) के पास स्थित टोल टैक्स (toll tax) पर पुलिस ने चेकिंग के दौरान गाड़ी को रोक लिया। व्यापारी ने बताया, “जब हमने बताया कि हमारा पैसा एक नंबर का है तो हमें जाने दिया। लेकिन इंदौर पहुंचकर देखा तो बैग में 8.50 लाख रुपये (Rs 8.50 lakh) थे।”
पैसे गिनने में हो गई थी गलती
व्यापारी ने बताया कि पैसे गिनने में उनसे गलती हो गई थी, इसलिए वापस गुना पहुंचकर एसपी अंकित सोनी से मुलाकात की और एक लाख रुपये गायब होने के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “एसपी साहब ने कहा कि लिखित शिकायत कर दो, जांच करवाते हैं। लेकिन हमने कहा कि एक बार दोबारा रूठियाई थाने में जाकर देखते हैं।”
रूठियाई थाने पहुंचकर पता किया तो पुलिस की कोई गलती नहीं थी, बल्कि बैग में शुरू से ही एक लाख रुपये कम थे। व्यापारी ने स्पष्ट कहा, “हमने किसी भी तरह की शिकायत (no complaint) नहीं की और वहां से चले गए।”
हवाला कांड की अफवाह
दो दिन बाद जब पता चला कि हवाला कांड में उनका नाम आ रहा है और पुलिस अधीक्षक को भी हटा दिया गया है, तो वे खुद बयान देने के लिए गुजरात से गुना पहुंचे। उन्होंने साफ किया, “हमने कभी भी करोड़ों का हवाला (never any hawala) नहीं किया, बल्कि हम तो मसाला के व्यापारी (masala trader) हैं जो गुजरात से मध्यप्रदेश में खरीदी के लिए आते हैं।”
ड्राइवर ने भी दी सफाई
गाड़ी चालक मौलिक (Maulik) ने बताया कि जब वह गाड़ी GJ05 RK 9351 लेकर गुना से गुजरा तो रूठियाई पर पुलिस ने उसे रोका और वाहन चेकिंग की, लेकिन बाद में छोड़ दिया था। उन्होंने कहा, “पुलिस से हमें किसी भी तरह की शिकायत (no complaint) नहीं है।”
‘हर गुजराती हवाला कारोबारी नहीं’
मसाला व्यापारी के सहयोगी अनिल पटेल (Anil Patel) ने कहा, “जरूरी नहीं है, हर एक गुजराती हवाला कारोबारी हो। लोगों को गलतफहमी होती है कि गुजराती मतलब हवाला करने वाला। हम लोग तो छोटा-मोटा धंधा करते हैं।”
अब सवाल क्यों उठ रहे हैं?
मसाला व्यापारी के बयान के बाद अब सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर बिना जांच (without investigation) किए एक पुलिस अधिकारी को जिले से कैसे हटा दिया गया? करोड़ों रुपये के हवाला कारोबार की खबर भी महज एक अफवाह (rumour) निकली। जब इस मामले में कोई फरियादी था ही नहीं, तो कैसे एक IPS के सिर पर ठिकरा फोड़ दिया गया?
जांच जारी
इस मामले में ट्रेनी IPS अधिकारी आयुष जाखड़ (Ayush Jakhar) जांच कर रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों के बयान दर्ज कर लिए हैं और एक रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। मामले की जांच के लिए DIG अमित सांघी (Amit Sanghi) भी गुना पहुंचे थे।