अमेरिका ने ईरान के सभी बंदरगाहों की नाकेबंदी लागू करने के लिए 10,000 से अधिक नेवी के जवान, मरीन और एयरमैन उतारे, 100 से ज्यादा फाइटर एयरक्राफ्ट तैनात, 6 मालवाहक जहाज वापस लौटे, केवल ईरानी बंदरगाहों पर रोक
अमेरिका ने ईरान (Iran) के सभी बंदरगाहों (ports) की नाकेबंदी (blockade) लागू करने के लिए 10,000 से अधिक अमेरिकी नेवी के जवान (US Navy personnel) , मरीन (Marines) और एयरमैन (Airmen) को उतार दिया है। इसके अलावा इस नाकेबंदी को अंजाम देने के लिए एक दर्जन युद्धपोत (warships) समंदर में और एक दर्जन एयरक्राफ्ट (aircraft) आसमान में तैनात (deployed) हैं।
कितनी बड़ी है अमेरिकी तैनाती (US Deployment)?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार:
- 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सर्विसमैन (over 10,000 US servicemen)
- 100 से ज्यादा फाइटर और सर्विलांस एयरक्राफ्ट (over 100 fighter and surveillance aircraft)
- एयरक्राफ्ट कैरियर (Aircraft Carrier), एम्फीबियस असॉल्ट शिप (Amphibious Assault Ship), गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर्स (Guided Missile Destroyers), लिटोरल कॉम्बैट शिप (Littoral Combat Ship)
नाकाबंदी का तरीका (How the Blockade Works?)
CENTCOM के आधिकारिक ट्वीट और इन्फोग्राफिक (infographic) में स्पष्ट कहा गया है कि यह नाकाबंदी सभी देशों के जहाजों पर समान रूप से (equally) लागू है।
- नाकाबंदी का उद्देश्य: ईरानी बंदरगाहों (Iranian ports) में आने-जाने वाले जहाजों को रोकना है।
- होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) खुला रहेगा: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले वैसे जहाजों को आजादी है जो ईरान के बंदरगाहों में नहीं जा रहे हैं।
- लाल रेखा (Red Line): नाकाबंदी की लाल रेखा ईरान के तट के साथ-साथ खींची गई है।
क्या हुआ पहले 24 घंटों में (What Happened in First 24 Hours)?
अमेरिका का कहना है कि पहले 24 घंटों के दौरान कोई भी जहाज (no ship) अमेरिकी नाकाबंदी को पार नहीं कर पाया। इसके अलावा, 6 मालवाहक जहाजों (6 cargo ships) ने अमेरिकी सेना के निर्देश का पालन करते हुए वापस मुड़कर ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) पर स्थित एक ईरानी बंदरगाह में दोबारा प्रवेश किया।
किस पर असर पड़ेगा (Impact on Whom)?
- ईरान की अर्थव्यवस्था (Iran’s Economy): यह अभियान ईरान पर आर्थिक दबाव (economic pressure) बढ़ाने का हिस्सा माना जा रहा है। इससे तेल निर्यात (oil export) पर निर्भर ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी झटका (heavy blow) लगने की आशंका है।
- वैश्विक तेल आपूर्ति (Global Oil Supply): इससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर सीधा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि ईरानी बंदरगाहों को छोड़कर (except Iranian ports) सऊदी अरब, UAE, कुवैत, कतर, ओमान आदि के लिए आने-जाने वाले सभी जहाजों को सुरक्षित मार्ग (safe passage) प्रदान किया जा रहा है।
CENTCOM का स्पष्टीकरण (CENTCOM’s Clarification)
CENTCOM ने साफ किया है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा (Strait of Hormuz will remain open) । सिर्फ ईरानी जहाजों/ईरान से संबंधित कार्गो (Iranian ships/related cargo) को टारगेट (target) किया जा रहा है।
शांति वार्ता के प्रयास (Peace Talks Efforts)
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप (President Trump) ने कहा है कि अगले दो दिनों में पाकिस्तान (Pakistan) में एक बार फिर से शांति वार्ता (peace talks) हो सकती है। पाकिस्तान ने भी कहा है कि इस्लामाबाद (Islamabad) ने अमेरिका और ईरान के साथ बातचीत के दूसरे दौर (second round) का प्रस्ताव रखा है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत में “कुछ प्रगति (some progress) हुई है” और राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “दूसरी तरफ से हमें बुलाया गया है” और “वे कोई समझौता (deal) करना चाहते हैं।”