मंगलवार की डेडलाइन आखिरी, ईरान के प्रस्ताव को ‘महत्वपूर्ण लेकिन काफी नहीं’ बताया, कहा- परमाणु हथियार नहीं हो सकते, नहीं तो जहन्नुम देखना पड़ेगा
अगले 24 घंटे अमेरिका और ईरान के लिए ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए अहम हैं। क्या जंग थमेगी, क्या सीजफायर (ceasefire) लागू हो पाएगा, क्या ट्रंप (Trump) अपनी डेडलाइन (deadline) से पहले नरम पड़ेंगे? ये कई सवाल हैं, जिनका अगले 24 घंटे में जवाब मिलना अहम है।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस (White House) में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मंगलवार की डेडलाइन (Tuesday deadline) आखिरी है। उन्होंने साफ किया कि इस डेडलाइन में कोई बदलाव नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने एक प्रस्ताव (proposal) दिया है, जो महत्वपूर्ण है, लेकिन काफी नहीं है (not enough)।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) नहीं खोलता है, तो तेहरान को ‘जहन्नुम’ (hell) देखना पड़ेगा।
ईरान के तेल पर क्या बोले ट्रंप?
ईरान के तेल के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “यह तेल कब्जा करने के लिए ही है और ईरान की सरकार इसके बारे में कुछ भी नहीं कर सकती।” उन्होंने आगे कहा, “दुर्भाग्य से अमेरिकी लोग चाहते हैं कि हम घर लौट आएं। अगर यह मेरे हाथ में होता, तो मैं तेल ले लेता। मैं तेल अपने पास रखता। मैं इससे खूब पैसा कमाता (would make a lot of money) ।”
परमाणु हथियारों पर रेडलाइन
ट्रंप ने कहा कि इस युद्ध का मुख्य फोकस केवल एक ही है – ईरान के पास परमाणु हथियार (nuclear weapons) नहीं हो सकते। इस तरह से ट्रंप ने अमेरिका की रेडलाइन (red line) बता दी।
उन्होंने कहा कि अगर ईरान वह काम कर ले जो उन्हें करने चाहिए, तो युद्ध बहुत जल्दी खत्म हो सकता है। लेकिन ईरान बहुत नाराज है और उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
‘ईरान को पूरी तरह तबाह कर रहे हैं’
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को ‘पूरी तरह तबाह’ (completely destroyed) कर रहा है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “और मुझे ऐसा करना अच्छा नहीं लग रहा, लेकिन हम उसे पूरी तरह तबाह कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “उनके पास न कोई पुल बचेगा (no bridge left) , न कोई पावर प्लांट (no power plant) । उनके पास कुछ भी नहीं रहेगा। मैं इससे आगे नहीं बोलूंगा, क्योंकि कुछ और चीज़ें भी हैं जो इनसे भी ज़्यादा बुरी हैं।”
‘हम अभी जंग छोड़ सकते हैं, लेकिन…’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि युद्ध लंबा खिंच रहा है, उनके पास ‘कई विकल्प’ (many options) मौजूद हैं। उन्होंने कहा, “हम अभी भी वहां से निकल सकते हैं, और उन्हें अपनी पुरानी स्थिति में लौटने में 15 साल लग जाएंगे। लेकिन मैं इसे पूरी तरह खत्म करना चाहता हूं (want to end it completely) ।”
ट्रंप और अमेरिका के अन्य शीर्ष अधिकारियों के बार-बार किए गए दावों के बावजूद, ईरान ने लगातार इस बात से इनकार किया है कि वह परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
ईरान की क्या शर्तें हैं?
ईरान ने ट्रंप के ताजा सीजफायर प्रस्ताव को सीधे तौर पर ठुकरा दिया है और कहा है कि वह अस्थायी युद्धविराम (temporary ceasefire) नहीं, बल्कि स्थायी समाधान (permanent solution) चाहता है।
ईरान की मुख्य मांगें (main demands) इस प्रकार हैं:
- पूरे क्षेत्र में लड़ाई खत्म हो
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित आवाजाही का प्रोटोकॉल बने
- प्रतिबंधों (sanctions) में ढील दी जाए
- युद्ध के नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण सहायता
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई (Ismail Baghaei) ने कहा कि तेहरान धमकियों या अल्टीमेटम (threats or ultimatums) के दबाव में कोई फैसला नहीं करेगा और उसकी शर्तें राष्ट्रीय हितों (national interests) पर आधारित हैं।