By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
smwnews.in
  • देश
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • मध्य प्रदेश
  • राज्य
  • एसएमडब्लू स्पाट्लाइट
Reading: ‘पापा-भाई को जांच के नाम पर मार डाला…’, 9 पुलिसवालों को सजा-ए-मौत मिलने पर क्या बोला परिवार
smwnews.in
smwnews.insmwnews.in
Font ResizerAa
  • देश
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • मध्य प्रदेश
  • राज्य
  • एसएमडब्लू स्पाट्लाइट
  • देश
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • मध्य प्रदेश
  • राज्य
  • एसएमडब्लू स्पाट्लाइट
© 2026 smwnews.in All Rights Reserved. Managed By SMW Media & Entertainment
smwnews.in > Blog > देश > ‘पापा-भाई को जांच के नाम पर मार डाला…’, 9 पुलिसवालों को सजा-ए-मौत मिलने पर क्या बोला परिवार
देश

‘पापा-भाई को जांच के नाम पर मार डाला…’, 9 पुलिसवालों को सजा-ए-मौत मिलने पर क्या बोला परिवार

SMW NEWS BUREAU
Last updated: 09/04/2026 11:49 AM
By SMW NEWS BUREAU 5 Min Read
Share
SHARE

सथानकुलम कस्टोडियल किलिंग केस में 6 साल बाद न्याय, मद्रास हाईकोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई फांसी की सजा, पीड़ित परिवार ने कहा- अब हमें सुकून मिला, लेकिन हमारे अपने वापस नहीं आ सकते

तमिलनाडु के सथानकुलम (Sathankulam) कस्टोडियल किलिंग (custodial killing) केस में 6 साल बाद (6 years later) कोर्ट का फैसला पीड़ित परिवार के लिए राहत और न्याय की उम्मीद लेकर आया है। मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) की मदुरै बेंच (Madurai Bench) ने इस मामले में 9 पुलिसकर्मियों (9 policemen) को मौत की सजा (death sentence) सुनाई है।

पीड़ित परिवार ने क्या कहा?

पीड़ित परिवार की तरफ से जयराज (Jayaraj) की बेटी और बेन्निक्स (Bennix) की बहन पर्सी (Persi) ने भावुक होते हुए कहा कि साल 2020 में उनके पिता और भाई को जांच के नाम पर (in the name of investigation) बेरहमी से प्रताड़ित (brutally tortured) कर मार दिया गया था।

उन्होंने कहा, “यह 6 साल हमारे लिए बेहद कठिन रहे हैं, लेकिन अब कोर्ट ने हमें न्याय (justice) दिया है।” उन्होंने उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने उनके संघर्ष (struggle) को अपना समझा और न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहे।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला 19 जून 2020 (June 19, 2020) का है, जब कारोबारी पी जयराज (P Jayaraj) और उनके बेटे जे बेन्निक्स (J Bennix) को पुलिस ने कोविड-19 लॉकडाउन (COVID-19 lockdown) नियमों के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया था। आरोप था कि उन्होंने अपनी मोबाइल एक्सेसरी की दुकान तय समय के बाद भी खुली रखी थी।

हिरासत में क्या हुआ था?

परिवार के अनुसार, उस दिन के बाद सब कुछ बदल गया:

  • जयराज के बेटे बेन्निक्स ने थाने पहुंचकर देखा कि उसके पिता के साथ मारपीट (beating) हो रही है।
  • उसने इसका विरोध किया, लेकिन इसके बाद दोनों को थाने में घंटों तक अमानवीय यातनाएं (inhuman torture) दी गईं।
  • सीबीआई (CBI) और अदालत की जांच में यह सामने आया कि दोनों के साथ लगातार और बेरहमी से मारपीट की गई थी।

चार्जशीट में क्या खुलासा हुआ?

चार्जशीट (chargesheet) में दर्ज तथ्यों ने इस मामले की भयावहता को और स्पष्ट किया:

  • दोनों को सिर्फ अंडरवियर (only underwear) में मेज पर झुकाकर उनके हाथ-पैर बांध (hands and feet tied) दिए गए थे ताकि वे हिल भी न सकें।
  • इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें लगातार डंडे मारे (beat with sticks) थे।
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट (post-mortem report) में उनके शरीर पर 18 गंभीर चोटों (18 serious injuries) के निशान पाए गए, जिन्हें डॉक्टरों ने मौत का मुख्य कारण बताया।

परिवार का संघर्ष और न्याय की लड़ाई

इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए लंबी लड़ाई शुरू की। उन्होंने हर स्तर पर अपनी आवाज उठाई और इस मामले को न्याय तक पहुंचाने की कोशिश की। यह संघर्ष आसान नहीं था, लेकिन परिवार ने हार नहीं मानी।

फैसले के बाद परिवार ने क्या कहा?

पर्सी ने कहा, “यह सिर्फ हमारे परिवार की जीत नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों की जीत (victory of all those) है जिन्होंने न्याय के लिए आवाज उठाई। यह फैसला उन लोगों के लिए भी एक संदेश (message) है जो कानून के नाम पर अत्याचार करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं उन सभी लोगों का धन्यवाद करती हूं जिन्होंने हमारा साथ दिया। उन्होंने हमारे दर्द को अपना दर्द समझा और हमारे लिए खड़े रहे। मदुरै हाईकोर्ट (Madurai High Court) ने इस मामले को स्वतः संज्ञान में लिया और हमें न्याय मिल सका।”

आगे भी लड़ाई जारी रखने का संकल्प

पर्सी ने कहा, “हमने यह लड़ाई इसलिए लड़ी ताकि भविष्य में हमारे जैसे किसी और परिवार (no other family like us) को इस तरह का दुख न सहना पड़े। हालांकि हमारे अपने अब वापस नहीं आ सकते, लेकिन हम चाहते हैं कि किसी और के साथ ऐसा न हो।”

उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में आगे अपील (appeal) होती है और यह उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) तक जाता है, तो भी हम अंत तक लड़ाई लड़ेंगे (will fight till the end) । हमें न्यायपालिका (judiciary) पर पूरा भरोसा है कि वह हमें न्याय दिलाएगी।

You Might Also Like

H-1B वीजा पर ट्रंप को कोर्ट से बड़ा झटका, 100000 डॉलर फीस पर जारी रहेगी रोक, भारतीय प्रोफेशनल्स को राहत

पहले फायरिंग, फिर हायरिंग… NTA में बड़े स्तर पर भर्ती शुरू, 4 जनरल मैनेजर और 16 यंग प्रोफेशनल्स की होगी नियुक्ति, जानें डिटेल

सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अनशन समाप्त किया, सरकार से लिखित आश्वासन मिला, जानिए कौन-सी 3 डिमांड मानी गईं

गुजरात से जम्मू-कश्मीर-उत्तर प्रदेश तक मौसम का रेड अलर्ट, भारी बारिश का अनुमान, 60 किमी/घंटा तक चलेंगी हवाएं

ISRO की सैटेलाइट तस्वीरों में कैद हुआ बारिश का पूरा ‘रूट मैप’, 5 चक्रवाती सिस्टम सक्रिय, जानिए क्या दिखा

Share This Article
Facebook Twitter Email Copy Link Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

smwnews.in

Information You Can Trust: Stay instantly connected with breaking stories and live updates. From politics and business to entertainment and beyond, we provide real-time coverage you can rely on, making us your dependable source for 24/7 news.

Quick Links

  • About Us
  • Advertise
  • Disclaimer
  • Credit & Removal Notice
  • Terms and Conditions
© 2026 smwnews.in All Rights Reserved. Managed By SMW Media & Entertainment
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?