By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
smwnews.in
  • देश
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • मध्य प्रदेश
  • राज्य
  • एसएमडब्लू स्पाट्लाइट
Reading: नरेंद्र मोदी युग में BJP: 12 साल में कितनी बदली पार्टी? जातीय समीकरण ध्वस्त कर 21 राज्यों तक फहराया परचम
smwnews.in
smwnews.insmwnews.in
Font ResizerAa
  • देश
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • मध्य प्रदेश
  • राज्य
  • एसएमडब्लू स्पाट्लाइट
  • देश
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • खेल
  • मध्य प्रदेश
  • राज्य
  • एसएमडब्लू स्पाट्लाइट
© 2026 smwnews.in All Rights Reserved. Managed By SMW Media & Entertainment
smwnews.in > Blog > देश > नरेंद्र मोदी युग में BJP: 12 साल में कितनी बदली पार्टी? जातीय समीकरण ध्वस्त कर 21 राज्यों तक फहराया परचम
देश

नरेंद्र मोदी युग में BJP: 12 साल में कितनी बदली पार्टी? जातीय समीकरण ध्वस्त कर 21 राज्यों तक फहराया परचम

SMW NEWS BUREAU
Last updated: 17/09/2026 9:27 AM
By SMW NEWS BUREAU 4 Min Read
Share
SHARE

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछले 12 वर्षों में न केवल सत्ता के शीर्ष पर अपनी पकड़ मजबूत की है, बल्कि अपनी वैचारिक दिशा, संगठनात्मक ढांचे और चुनावी रणनीति में ऐसे बदलाव किए हैं, जिन्होंने देश की राजनीति का पूरा नक्शा बदल दिया है। एक समय मुख्य रूप से ‘सवर्ण-आधारित’ और ‘ब्राह्मण-बनिया’ पार्टी मानी जाने वाली बीजेपी अब दलित, ओबीसी और आदिवासी वोटरों तक अपनी गहरी पैठ बना चुकी है और फिलहाल 21 राज्यों में एनडीए की सरकारें हैं। इस बदलाव का श्रेय ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ और ‘लाभार्थी वर्ग’ की नई सोशल इंजीनियरिंग को जाता है।

Contents
PM Modi ने कैसे तोड़ा जातीय पैटर्न?हिंदुत्व-राष्ट्रवाद के एजेंडे से लिखी नई इबारतबीजेपी का कैसे बढ़ता गया सियासी कारवां?PM Modi ने कैसे बदली देश की राजनीति?

PM Modi ने कैसे तोड़ा जातीय पैटर्न?

  • पारंपरिक राजनीति से अलग: मोदी की राजनीति पारंपरिक ढर्रे से हटकर अपनी अलग लकीर खींचती है। गुजरात के सीएम रहते हुए उन्होंने राज्य में बीजेपी की जड़ें ऐसी जमाईं कि कांग्रेस दोबारा उभर नहीं पाई।
  • जातिवाद का अंत: मोदी ने जातिवादी राजनीति के ढर्रे को, खासकर हिंदी भाषी राज्यों में, ध्वस्त कर दिया। अमित शाह ने इसे ‘जातिवादी राजनीति के अंत’ की घोषणा कहा था।
  • लाभार्थी वर्ग: उन्होंने विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं (लाभार्थी वर्ग) को अपना मुख्य राजनीतिक एजेंडा बनाया, जिससे वे कास्ट पॉलिटिक्स को काउंटर करने में सफल रहे।
  • सोशल इंजीनियरिंग: मोदी ने ओबीसी, दलित, पसमांदा और बोहरा मुसलमानों को जोड़ने का मंत्र दिया और अलग-अलग जातीय समूहों को पार्टी संगठन से लेकर सरकार तक में हिस्सेदारी दी।

हिंदुत्व-राष्ट्रवाद के एजेंडे से लिखी नई इबारत

  • वैचारिक एजेंडा: अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन और प्राण-प्रतिष्ठा, अनुच्छेद 370 को हटाना, ट्रिपल तलाक को खत्म करना – ये सभी मोदी सरकार के मुख्य वैचारिक एजेंडे का हिस्सा रहे।
  • राष्ट्रवाद: उरी और बालाकोट के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक तथा आतंकवाद के खिलाफ सख्त अभियानों ने राष्ट्रवाद को नई परिभाषा दी।
  • सांस्कृतिक पहचान: राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ करना, नौसेना के नए ध्वज में छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा शामिल करना, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक और केदारनाथ-बद्रीनाथ के पुनर्विकास जैसी परियोजनाएं इसी दिशा में हैं।

बीजेपी का कैसे बढ़ता गया सियासी कारवां?

  • 2014: जब मोदी के नेतृत्व में बीजेपी केंद्र की सत्ता में आई, तब कई राज्यों में उसकी अपनी सरकारें नहीं थीं और दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर तथा पूर्वी भारत में पार्टी की मौजूदगी कमजोर थी।
  • 2018: आते-आते उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा, असम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में पार्टी या उसके सहयोगियों की सरकारें बन चुकी थीं। पार्टी ने बूथ और ‘पन्ना’ स्तर तक संगठन मजबूत किया।
  • 2026: देश का राजनीतिक नक्शा काफी हद तक बदल चुका है। बंगाल और ओडिशा में भी बीजेपी सत्ता में है और कई ऐसे राज्य, जहां कभी पार्टी की उपस्थिति बेहद कम थी, वहां भी वह मुख्य खिलाड़ी बन चुकी है।

Must Read: प्रोजेक्ट चीता के 4 साल पूरे, भारत में बढ़कर 52 हुई चीता आबादी; 32 का जन्म देश में

PM Modi ने कैसे बदली देश की राजनीति?

  • हाईटेक प्रचार: 2014 के चुनाव से पहले मोदी ने 3D होलोग्राम कैंपेन लॉन्च किया, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह आधुनिक और हाईटेक हो गया।
  • अल्पसंख्यक वोट बैंक से हटकर: 2014 से पहले ज्यादातर दलों का फोकस अल्पसंख्यक वोट बैंक पर था, लेकिन मोदी ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की छतरी के नीचे समाज को एकजुट कर सियासी खेल पलट दिया।
  • विपक्ष पर असर: इस बदलाव के चलते राहुल गांधी को भी अपनी कार्यशैली बदलनी पड़ी और उन्होंने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ , पूर्वोत्तर से मुंबई तक की यात्रा और बिहार में ‘वोट अधिकार यात्रा’ जैसे कार्यक्रम किए। खुद को सेकुलर कहने वाले नेता भी अब मंदिरों में माथा टेकते नजर आते हैं।

You Might Also Like

Jammu-Kashmir: Kathua में CISF Camp में Firing, जवान ने सहकर्मियों पर बरसाईं गोलियां, 4 की मौत

‘टैरिफ नहीं होता तो…’: भारतीय कंपनी Essar के US Steel Plant पर Trump के मंत्री का बड़ा बयान

‘हम जंग बेचने नहीं आए…’, Trump ने धमकाया लेकिन ईरान के Foreign Minister ने बताया असली मकसद

India-US Trade Deal: ‘90% काम पूरा, बस कुछ मुद्दे बाकी’, US Official ने दिया बड़ा अपडेट

‘लादेन को पनाह, फॉर्म 47 सरकार…’ UN में शहबाज शरीफ के हर झूठ की India ने उड़ाई धज्जियां

TAGGED: 12 Years, 21 States, Amit Shah, BJP, Cultural Nationalism, Electoral Growth, Hindutva, PM Modi, Social Engineering
Share This Article
Facebook Twitter Email Copy Link Print
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

smwnews.in

Information You Can Trust: Stay instantly connected with breaking stories and live updates. From politics and business to entertainment and beyond, we provide real-time coverage you can rely on, making us your dependable source for 24/7 news.

Quick Links

  • About Us
  • Advertise
  • Disclaimer
  • Credit & Removal Notice
  • Terms and Conditions
© 2026 smwnews.in All Rights Reserved. Managed By SMW Media & Entertainment
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?