भारत के प्रोजेक्ट चीता ने चार साल पूरे कर लिए हैं और इस दौरान देश में चीतों की आबादी बढ़कर 52 हो गई है। इनमें 32 चीते भारत में जन्मे हैं। कूनो नेशनल पार्क में 49 चीते मौजूद हैं, जबकि तीन चीते मध्य प्रदेश के गांधी सागर अभयारण्य में हैं। यह जानकारी प्रोजेक्ट चीता की चार साल की स्थिति समीक्षा में सामने आई है।
2022 में नामीबिया से शुरू हुआ था प्रोजेक्ट
भारत में चीता पुनर्वास कार्यक्रम की शुरुआत 17 सितंबर 2022 को हुई थी। पहले चरण में नामीबिया से 8 चीते कूनो लाए गए। इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत पहुंचे। साल 2026 में बोत्सवाना से भी 9 चीते लाए गए। �President of India +1चार साल के दौरान कार्यक्रम में कई चुनौतियां आईं, लेकिन भारत में चीतों के प्रजनन और नई पीढ़ी के जीवित रहने को महत्वपूर्ण प्रगति के तौर पर देखा जा रहा है।
कूनो में 49 चीते, 17 खुले जंगल में
स्थिति समीक्षा के मुताबिक कूनो नेशनल पार्क में मौजूद 49 चीतों में से 17 खुले जंगल में हैं, जिनमें 10 नर और 7 मादा शामिल हैं। वहीं 32 चीते सॉफ्ट रिलीज बाड़ों में रखे गए हैं। इनमें 19 ऐसे शावक हैं जिनकी उम्र एक साल से कम है। DD India +1 गांधी सागर अभयारण्य में मौजूद तीन चीते दक्षिण अफ्रीकी मूल के चीतों और उनकी भारत में जन्मी संतानों की आबादी का हिस्सा हैं।