IRGC ने दुबई में Oracle के डेटा सेंटर को निशाना बनाने का दावा किया, दुबई ने किया खारिज, ईरान ने 18 अमेरिकी कंपनियों को चेतावनी दी, Intel ने कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर दिया
मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी महाजंग के बीच अब एक और बड़ी खबर आ रही है। ईरान (Iran) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी टेक कंपनी Oracle (Oracle) के UAE फैसिलिटी (UAE facility) पर हमला (attack) कर दिया है।
ईरान ने क्या किया दावा?
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने दुबई (Dubai) में Oracle के डेटा सेंटर (data center) को निशाना बनाया। हालांकि, UAE ने अब तक इस बात को कन्फर्म (confirm) नहीं किया है कि ईरान ने Oracle के डेटा सेंटर पर अटैक किया है।
दुबई की तरफ से X पर एक पोस्ट आया है, जिसमें कहा गया है कि ईरान ने वहां किसी भी Oracle के ऑफिस पर अटैक नहीं किया है। दुबई ने ईरान के इस दावे को खारिज (rejected) किया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर दुबई से जुड़े कई हैंडल से यह पोस्ट किया जा रहा है कि Oracle के डेटाबेस डिसरप्ट (database disrupted) हुए हैं।
Oracle को क्यों बनाया निशाना?
बताया जा रहा है कि Oracle का अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस (Department of Defense) के साथ पार्टनरशिप (partnership) है। इतना ही नहीं, इस कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन लैरी एलिसन (Larry Ellison) के इजरायली सरकार (Israeli government) के साथ मजबूत संबंध हैं। इस वजह से ईरान इसे नैचुरल और वैलिड टार्गेट (natural and valid target) बताता है।
Amazon के AWS डेटा सेंटर पर पहले ही हमला हो चुका है
गौरतलब है कि हाल ही में ईरान ने बहरीन (Bahrain) में Amazon के AWS डेटा सेंटर (AWS data center) को निशाना बनाया था। इससे पहले UAE और बहरीन में AWS के कई डेटा सेंटर ड्रोन हमलों (drone attacks) में प्रभावित हुए थे, जिससे बैंकिंग, पेमेंट और कई डिजिटल सर्विसेज (digital services) पर असर पड़ा।
18 अमेरिकी कंपनियां निशाने पर
ईरान ने हाल ही में 18 अमेरिकी कंपनियों (18 American companies) को सीधे चेतावनी दी है। इसमें Apple, Microsoft, Google, Amazon, IBM, Intel, Meta जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। IRGC ने इन्हें आतंकी संस्थाएं (terrorist entities) तक बता दिया और कहा कि इनके ऑफिस और इंफ्रास्ट्रक्चर (infrastructure) पर हमला किया जा सकता है।
यह भी कहा गया है कि इन कंपनियों के कर्मचारियों (employees) को अपने ऑफिस छोड़ देने चाहिए, क्योंकि ये जगहें अब संभावित टार्गेट (potential targets) हैं।
Intel ने कर्मचारियों की सुरक्षा पर दिया जोर
ईरान की चेतावनी के बाद अमेरिकी कंपनी Intel (Intel) ने ऑफिशियल स्टेटमेंट (official statement) जारी किया है। कंपनी ने कहा है कि वह इस युद्ध पर नजर बनाए हुई है और अपने कर्मचारियों की सुरक्षा (safety) सुनिश्चित कर रही है। कंपनी ने कहा कि कर्मचारियों की सेफ्टी उनकी फर्स्ट प्रायॉरिटी (first priority) है।
टेक कंपनियां क्यों बन रही हैं टारगेट?
ईरान का आरोप है कि ये कंपनियां अमेरिका और इजरायल (US and Israel) की सैन्य और इंटेलिजेंस गतिविधियों (military and intelligence activities) में मदद कर रही हैं। खासतौर पर क्लाउड (cloud), AI (AI) और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर (data infrastructure) को डिजिटल हथियार (digital weapon) की तरह देखा जा रहा है। यही वजह है कि अब डेटा सेंटर (data centers) , जो पहले सिर्फ टेक्नोलॉजी का हिस्सा थे, जंग के मैदान में बदलते दिख रहे हैं।
अगर गूगल और मेटा पर हमला हुआ तो क्या होगा?
अगर ईरान गूगल (Google) और मेटा (Meta) जैसी कंपनियों पर हमला करता है, तो इसका वैश्विक स्तर पर बड़ा असर हो सकता है। भारत (India) में भी इसका असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि ये कंपनियां दुनिया भर में डिजिटल सेवाएं (digital services) प्रदान करती हैं।