मुंबई | प्रियदर्शन (Priyadarshan) की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘हैवान’ (Haiwaan) सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल (Mohanlal) की 2016 की सुपरहिट फिल्म ‘ओप्पम’ (Oppam) का रीमेक है। करीब 18 साल बाद अक्षय कुमार (Akshay Kumar) और सैफ अली खान (Saif Ali Khan) एक साथ बड़े पर्दे पर लौटे हैं। फिल्म में अक्षय खलनायक (Villain) की भूमिका में हैं, जबकि सैफ एक नेत्रहीन (Blind) शख्स का किरदार निभा रहे हैं। कुल मिलाकर, यह फिल्म एक सस्पेंस-थ्रिलर (Suspense-Thriller) है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी श्याम राणे (सैफ अली खान) नाम के एक नेत्रहीन (Blind) शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जो मुंबई की एक स्काई-हाई सोसाइटी में काम करता है। वहाँ रिटायर्ड जज प्रधान (बोमन ईरानी) रहते हैं, जिनके घर श्याम का आना-जाना लगा रहता है। जज प्रधान, आरोपी परशुराम गोखले (अक्षय कुमार) को ढूंढ रहे होते हैं। लेकिन परशुराम खुद जज के पास जाना चाहता है, क्योंकि वह उस गुनाह की सजा भुगत चुका है जिसमें उसका कोई दोष नहीं था। वह अपनी नफरत की आग में उन सभी को जलाकर खत्म करना चाहता है, जिन्होंने कभी उस पर उंगली उठाई थी। इसी बदले की आग में जज प्रधान की मौत हो जाती है और शक श्याम पर चला जाता है।
अब श्याम के पास कई चुनौतियाँ हैं – उसे जज की बेटी नंदनी (पहल चौधरी) को बचाना है, पुलिस के सामने अपनी बेगुनाही साबित करनी है, और अंत में परशुराम को ढूंढकर उसे हराना है। क्या एक नेत्रहीन शख्स, उस शातिर और साइको परशुराम को हरा पाएगा? यही फिल्म का बेसिक प्लॉट है।
कैसा है फिल्म का निर्देशन और स्क्रीनप्ले?
प्रियदर्शन ने रोहन शंकर के साथ मिलकर इसका स्क्रीनप्ले लिखा है। फिल्म की सबसे दमदार चीज इसकी स्टोरी है, जो आपको अंत तक सीट से बांधकर रखती है। चूहे-बिल्ली वाला खेल और सस्पेंस दर्शकों के अंदर बेचैनी पैदा करता है। फिल्म की लंबाई 2 घंटे 42 मिनट है, जो पहले हाफ में महसूस नहीं होती, लेकिन दूसरे हाफ में यह हल्की कमजोर पड़ जाती है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर काफी बढ़िया है, जो बेचैनी बढ़ाने में मदद करता है।
कलाकारों का प्रदर्शन कैसा है?
- अक्षय कुमार (परशुराम): साइको किलर के रोल में अक्षय का काम जबरदस्त है। वे स्क्रीन पर डराने में सफल होते हैं। एक सीरियस रोल में उन्हें लंबे समय बाद देखकर खुशी होती है।
- सैफ अली खान (श्याम): सैफ ने अपने करियर का शायद सबसे मुश्किल रोल इस फिल्म में किया है। एक नेत्रहीन किरदार को बखूबी निभाया है और हर सीन में जान डाली है।
- बोमन ईरानी, सैयामी खेर, श्रिया पिलगांवकर: इनका रोल लिमिटेड था, लेकिन उन्होंने इसे बखूबी निभाया।
- असरानी और राजपाल यादव: दोनों का छोटा मगर असरदार रोल है। असरानी जी ने अपनी आखिरी फिल्म में भी एक्टिंग से समा बांधा।
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कुल मिलाकर कैसी है फिल्म?
अगर आप सस्पेंस-थ्रिलर और डार्क फिल्में देखने के शौकीन हैं, तो ‘हैवान’ आपके लिए बनी है। अगर आप अक्षय कुमार के फैन हैं, तो भी इसे आराम से देख सकते हैं। आपके पसंदीदा सुपरस्टार इसमें बिल्कुल निराश नहीं करते हैं।