नई दिल्ली | ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के परी चौक (Pari Chowk) से दिल्ली के कश्मीरी गेट (Kashmiri Gate) के बीच चलती एक स्लीपर बस (Sleeper Bus) में 17 साल की नाबालिग (Minor) छात्रा के साथ गैंगरेप (Gangrape) का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 47 किलोमीटर और डेढ़ घंटे से अधिक समय तक बस में दरिंदगी होती रही, लेकिन रास्ते में किसी भी पुलिस चेकिंग (Police Checking) ने इस बस को नहीं रोका। इस घटना ने साल 2012 के निर्भया कांड (Nirbhaya Case) की याद दिला दी है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 4 अगस्त की है। पीड़िता घर से नोएडा आने के लिए बस में सवार हुई थी और परी चौक, ग्रेटर नोएडा पर उतर गई। इसके बाद बस के कंडक्टर ने उसके साथ अश्लील हरकत शुरू कर दी और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि इसके बाद बस में मौजूद संदीप और कुलदीप ने नाबालिग के साथ गैंगरेप किया। बस ग्रेटर नोएडा, नोएडा से होती हुई दिल्ली के कश्मीरी गेट तक पहुंची, जहाँ पीड़िता को उतार दिया गया और आरोपी फरार हो गए।
सुरक्षा व्यवस्था पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
- पर्दे और रोशनी की अनदेखी: बस में पर्दे लगे हुए थे, जिससे अंदर की गतिविधियाँ बाहर से छिपी रहीं। निर्भया कांड के बाद बने नियमों के अनुसार, रात में चलने वाली बसों में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए और पर्दों पर पाबंदी है, ताकि बाहर से अंदर देखा जा सके।
- पुलिस की निगरानी पर सवाल: 47 किलोमीटर के सफर में बस ग्रेटर नोएडा, नोएडा और दिल्ली से होकर गुज़री, लेकिन किसी भी पुलिस टीम ने बस को चेक नहीं किया।
- प्रशासनिक लापरवाही: घटना के बाद दिल्ली और नोएडा पुलिस के बीच अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction) को लेकर भी सवाल उठे हैं।
क्या हुई कार्रवाई?
पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए कश्मीरी गेट थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से बस और आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।