लेखिका: लक्ष्मी शर्मा
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजरायल और ईरान के बीच हालिया मिसाइल हमलों ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक के लिए आमंत्रित किया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ता, उसके परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रम और गाजा में युद्धविराम तथा शांति समझौते जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप इजरायल और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य तनाव से नाराज हैं। उनका मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच इस तरह के हमले जारी रहे तो ईरान के साथ चल रही संभावित कूटनीतिक बातचीत पूरी तरह पटरी से उतर सकती है। साथ ही पूरे मध्य पूर्व में व्यापक क्षेत्रीय युद्ध छिड़ने का खतरा भी बढ़ सकता है।
हाल के घटनाक्रम में इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के कथित ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल की ओर मिसाइलें दागीं। दोनों पक्षों की इस सैन्य कार्रवाई ने क्षेत्र में तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।
इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को व्हाइट हाउस बुलाने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित बैठक में अमेरिका की रणनीति, ईरान के परमाणु कार्यक्रम, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता और गाजा में जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए संभावित शांति समझौते पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि उसकी प्राथमिकता क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना और ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है। ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि ईरान किसी नए समझौते से इनकार करता है या अपने परमाणु अथवा मिसाइल कार्यक्रम को दोबारा तेज करता है, तो अमेरिका “बहुत सख्त” कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आवश्यकता पड़ने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी अपना सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि व्हाइट हाउस में होने वाली ट्रंप और नेतन्याहू की बैठक आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इस बैठक के नतीजों पर न केवल अमेरिका, इजरायल और ईरान की रणनीति निर्भर करेगी, बल्कि गाजा में शांति प्रयासों और पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्य बिंदु
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताई।
- इजरायल द्वारा बेरूत में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले के बाद ईरान ने इजरायल पर मिसाइलें दागीं।
- ट्रंप को आशंका है कि बढ़ता सैन्य संघर्ष कूटनीतिक प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकता है।
- ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक के लिए आमंत्रित किया।
- बैठक में ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम, गाजा शांति समझौते तथा क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा होगी।
- अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि यदि ईरान किसी समझौते से पीछे हटता है या अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाता है तो उसके खिलाफ कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है और आगामी कूटनीतिक वार्ताओं को निर्णायक माना जा रहा है।