जून महीने की शुरुआत कई बदलावों के साथ हुई है और इसमें सबसे बड़ा झटका कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगा है। पहली तारीख से 19 किलो के एलपीजी सिलेंडर को और महंगा कर दिया गया है। इस साल यह सातवीं बढ़ोतरी है।
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के चलते गहराए तेल-गैस संकट के बीच देश में एलपीजी की किल्लत साफ देखने को मिली है। इसका सबसे बड़ा असर कमर्शियल सिलेंडर पर पड़ रहा है।
घरेलू सिलेंडर पर राहत, कमर्शियल पर मार
घरेलू उपभोक्ताओं पर महंगाई की मार न पड़े, इसके लिए सरकार की ओर से तमाम कदम उठाए गए हैं। इनमें प्रोडक्शन में बढ़ोतरी समेत बुकिंग से जुड़े नियम शामिल हैं। हालांकि, सरकार ने 14 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को यथावत रखते हुए रसोई के बजट को स्थिर रखा है।
लेकिन दूसरी ओर कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर पर लगातार महंगाई का बम फूट रहा है। जनवरी महीने से अब तक 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग दोगुनी हो गई है। हर महीने इसकी कीमत में बढ़ोतरी देखने को मिली है।
1 जून को फिर बढ़े दाम
1 जून 2026 को भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में प्रति सिलेंडर 42 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। तेल कंपनियों ने दिल्ली से कोलकाता तक 42 रुपये से 53.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की है।
इस बढ़ोतरी के बाद नई दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 3113.50 रुपये हो गई है। वहीं, कोलकाता में यह 3255.50 रुपये का हो गया है, जहां 53.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
जनवरी से सात महीने में सात बार बढ़ोतरी
इस साल 2026 की शुरुआत से अब तक लगातार सातवीं बार कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े हैं। हर महीने की तरह जून में भी यह सिलसिला जारी रहा। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी से पहले ही किल्लत से जूझ रहे होटल, रेस्तरां समेत अन्य व्यवसायों पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
जनवरी में जहां यह सिलेंडर 1691.50 रुपये में मिलता था, वहीं जून आते-आते इसका दाम बढ़कर 3113.50 रुपये हो गया है। यानी महज छह महीनों में करीब 1422 रुपये का इजाफा हुआ है।
दिसंबर 2025 से तुलना करें तो हालात और साफ
बीते साल के आखिरी महीने दिसंबर 2025 में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 1580.50 रुपये थी। 1 जून 2026 को यह बढ़कर 3113.50 रुपये पर पहुंच गई है। इस हिसाब से देखें तो पिछले साढ़े पांच महीनों में कमर्शियल सिलेंडर के दाम लगभग दोगुने हो चुके हैं।
साल की शुरुआत से अब तक की बढ़ोतरी का क्रम कुछ इस तरह रहा है। जनवरी में 111 रुपये की बढ़ोतरी हुई। फरवरी में 49 रुपये का इजाफा हुआ। मार्च की शुरुआत में 28 रुपये की बढ़ोतरी हुई। 7 मार्च को एक और बढ़ोतरी हुई, जिसमें 114.50 रुपये का इजाफा हुआ। अप्रैल में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई। मई में सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई, जिसमें 993 रुपये का इजाफा हुआ। और अब जून में 42 रुपये की और बढ़ोतरी हो गई है।
मई में सबसे बड़ा उछाल
मई महीने में कमर्शियल सिलेंडर के दामों में सबसे बड़ा उछाल देखने को मिला था। अप्रैल में जहां यह सिलेंडर 2078.50 रुपये में मिलता था, वहीं मई में इसकी कीमत बढ़कर 3071.50 रुपये हो गई। यानी एक ही महीने में करीब 1000 रुपये का इजाफा हुआ था।
जून में हालांकि बढ़ोतरी की रफ्तार थोड़ी धीमी रही, लेकिन फिर भी 42 रुपये की बढ़ोतरी ने सिलेंडर की कीमत को नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया। अब देखना यह होगा कि आने वाले महीनों में यह सिलसिला जारी रहता है या फिर दाम स्थिर होते हैं।
घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर
14 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों की बात करें तो इसमें आखिरी बार 7 मार्च को बदलाव किया गया था और तब से इसका दाम यथावत बना हुआ है। दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर 913 रुपये में मिल रहा है।
अन्य शहरों की बात करें तो कोलकाता में घरेलू सिलेंडर 939 रुपये, मुंबई में 912.50 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये का मिल रहा है। सरकार ने आम घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए घरेलू सिलेंडर के दाम नहीं बढ़ाए हैं।
कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से क्या असर?
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल होटल, रेस्तरां, ढाबे, बेकरी, स्वीट शॉप, हॉस्पिटल, नर्सिंग होम और छोटे-मोटे उद्योगों में होता है। इस सिलेंडर के महंगा होने का सीधा असर इन व्यवसायों की लागत पर पड़ता है।
जब होटल-रेस्तरां की लागत बढ़ती है, तो वे इसका बोझ आम ग्राहकों पर डालते हैं। यानी बाहर खाने के दाम बढ़ जाते हैं। इसके अलावा, ढाबों और छोटे खाने-पीने के ठेलों पर भी इसका असर पड़ता है। आने वाले दिनों में इसका असर आम आदमी की जेब पर साफ दिखने लगेगा।
आगे क्या?
अब सबकी नजरें आने वाले महीनों पर होंगी कि क्या जुलाई में फिर से कीमतों में बढ़ोतरी होती है। अगर वैश्विक स्तर पर तेल-गैस संकट जारी रहता है, तो आने वाले महीनों में भी कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ते रह सकते हैं।
हालांकि, सरकार ने अब तक घरेलू सिलेंडर के दामों को स्थिर रखा है, जिससे आम घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है। लेकिन कमर्शियल सिलेंडर की बढ़ती कीमतों का असर अप्रत्यक्ष रूप से हर किसी पर पड़ेगा, क्योंकि इससे चीजों के दाम बढ़ेंगे।XZ
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