DRI ने किया बड़ा खुलासा, सोने को कैप्सूल और पेस्ट बनाकर छुपाया गया था, 5 आरोपी गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच जारी
बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Bengaluru International Airport) पर सोना तस्करी (gold smuggling) के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया। राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence – DRI) की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 5 करोड़ रुपये (Rs 5 crore) का सोना जब्त (seized) किया है।
तस्करी का नाटकीय तरीका
इस केस में सबसे चौंकाने वाली बात तस्करी का तरीका है। आरोपियों ने सोने को कैप्सूल (capsules) और पेस्ट (paste) के रूप में तैयार किया था। इसके बाद उन्होंने इसे अपने शरीर के निजी अंगों (private parts) में छिपा लिया था, ताकि स्कैनिंग के दौरान पकड़े न जा सकें।
यह तरीका बेहद खतरनाक (dangerous) और जोखिम भरा माना जाता है, लेकिन तस्कर लालच (greed) में इस तरह की हरकतें कर रहे हैं।
कैसे हुआ खुलासा?
DRI को पहले से इस तस्करी की भनक मिल चुकी थी, जिसके बाद एयरपोर्ट पर निगरानी (surveillance) बढ़ा दी गई थी। संदिग्ध गतिविधियों (suspicious activities) के आधार पर पांचों आरोपियों (5 accused) को रोका गया और जांच की गई। जब उनकी तलाशी (search) ली गई तो पूरा मामला सामने आ गया।
गिरफ्तारी और जांच
इस मामले में कुल 5 आरोपियों (5 accused) को गिरफ्तार (arrested) किया गया है। शुरुआती जांच में यह मामला अंतरराष्ट्रीय तस्करी (international smuggling) से जुड़ा बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि यह सोना बांग्लादेश के रास्ते (via Bangladesh) भारत लाया गया था। तस्कर बेहद सुनियोजित तरीके से इस अवैध काम को अंजाम दे रहे थे।
रान्या राव केस के बाद बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई हाल ही में सामने आए रान्या राव केस (Ranya Rao case) के बाद की गई है, जिससे साफ है कि तस्करी का नेटवर्क लगातार सक्रिय है। फिलहाल DRI की टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ (interrogation) कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट का खुलासा किया जा सके।
एजेंसियों को शक है कि इस गिरोह के पीछे कई और लोग शामिल हैं, जो लंबे समय से तस्करी कर रहे हैं। इस मामले में फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (financial transactions) और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों (international contacts) की भी जांच की जा रही है।