आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, कॉपी जांचने की प्रोसेस में खामियां मिल रही हैं और सरकार युवाओं की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार को सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बना देना चाहिए। यह मांग उन्होंने जंतर-मंतर पर पहुंचकर की।
पेपर लीक और मूल्यांकन प्रणाली पर सवाल
जंतर-मंतर पर पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘देश में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियां हैं और मूल्यांकन प्रणाली में भी खामियां हैं।’
उन्होंने कहा, ‘जब NEET का पेपर लीक हुआ था, तब 20 छात्रों ने आत्महत्या कर ली थी, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके बाद भी कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए।’
‘अहंकार में डूबी है सरकार’
केजरीवाल ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार अहंकार में डूबी हुई है। उन्होंने कहा, ‘मैं सरकार से कहना चाहता हूं कि युवाओं की आवाज सुन लीजिए, नहीं तो यही युवा 2029 में आपको सत्ता से बाहर कर देंगे।’
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि अगर असल में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव लाना है तो सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए।
अन्ना आंदोलन की याद
अरविंद केजरीवाल ने सरकार को 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन की याद भी दिलाई। उन्होंने कहा, ‘इतिहास खुद को दोहराता है। इसी जंतर-मंतर पर 4 अप्रैल 2011 को अन्ना हजारे आंदोलन पर बैठे थे और तीन साल बाद उस समय की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी।’
उन्होंने चेतावनी दी, ‘अगर मौजूदा सरकार ने भी युवाओं की आवाज नहीं सुनी तो तीन साल बाद यही हाल उसका भी होगा।’
सौरभ भारद्वाज ने भी साधा निशाना
AAP के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केवल मंत्री बदल देने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “जो भी नया शिक्षा मंत्री आएगा, यह जरूरी नहीं कि वह बेहतर ही साबित हो। अगर सरकार सोनम वांगचुक जैसे वैज्ञानिक को देश का शिक्षा मंत्री बनाती है तो यह पूरी दुनिया के लिए एक मजबूत संदेश होगा।”
‘सोनम वांगचुक में महात्मा गांधी की झलक’
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लोग सोनम वांगचुक में महात्मा गांधी की झलक देखते हैं। “वह सत्याग्रह कर रहे हैं, देश के लिए अपना जीवन दांव पर लगाने को तैयार हैं और अहिंसा के रास्ते सरकार तक अपनी बात पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी देना देश के लिए सकारात्मक संदेश होगा।
20 जुलाई को संसद की ओर मार्च
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि AAP अरविंद केजरीवाल की उस अपील का समर्थन करती है, जिसमें सभी विपक्षी दलों, छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च में शामिल होने का आह्वान किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ किसी एक दल का आंदोलन नहीं है, बल्कि शिक्षा और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसमें भाग लेना चाहिए।