परतवाड़ा वीडियो कांड में दूसरे आरोपी उजेर खान की गिरफ्तारी, मुख्य आरोपी के मोबाइल से डाउनलोड कर सोशल मीडिया पर किए थे वीडियो वायरल, आठ पीड़ितों की पहचान, साइबर टीम डिलीट डेटा रिकवर कर रही, SIT जांच की मांग तेज
महाराष्ट्र के अमरावती (Amravati) जिले के परतवाड़ा (Pratwada) में सामने आया वीडियो कांड (video scandal) लगातार गंभीर होता जा रहा है। शुरुआत में यह मामला कुछ वायरल क्लिप्स (viral clips) तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई नई परतें खुलती जा रही हैं।
दूसरी बड़ी गिरफ्तारी (Second Major Arrest)
इस मामले में पुलिस ने दूसरी बड़ी गिरफ्तारी (arrest) करते हुए उजेर खान इकबाल खान (Uzer Khan Iqbal Khan) को पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि उसने मुख्य आरोपी अयान अहमद (Ayan Ahmad) के मोबाइल से वीडियो डाउनलोड (downloaded videos) किए और उन्हें सोशल मीडिया (social media) पर पोस्ट कर दिया।
पुलिस के अनुसार, उजेर खान को हिरासत में लेकर पूछताछ (interrogation) की जा रही है। पुलिस कस्टडी रिमांड (police custody remand) के दौरान उससे कई अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
मुख्य आरोपी पहले ही गिरफ्तार (Main Accused Already Arrested)
मुख्य आरोपी अयान अहमद (Ayan Ahmad) को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (Indian Justice Code) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज (case registered) किया गया है। अदालत ने उसे 21 अप्रैल 2026 (April 21, 2026) तक पुलिस कस्टडी (police custody) में भेजा है।
कितने वीडियो और कितनी पीड़िताएं? (How many videos and victims?)
पुलिस ने उसके मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो (objectionable videos) जब्त किए हैं। इन वीडियो की जांच की जा रही है और उनमें दिख रही लड़कियों की पहचान करने की कोशिश चल रही है।
- अभी तक आठ पीड़ितों (eight victims) की पहचान (identification) हो चुकी है, जबकि बाकी की पहचान का काम जारी है।
- पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह जांच बहुत संवेदनशील (sensitive) है, इसलिए पीड़िताओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय (confidential) रखी जा रही है।
- महिला पुलिस अधिकारियों (women police officers) को इस काम में लगाया गया है।
डिलीट डेटा रिकवर करने की कोशिश (Attempt to recover deleted data)
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है कि कुछ डेटा डिलीट (data deleted) किया गया था। पुलिस की साइबर टीम (cyber team) अब उसे रिकवर (recover) करने की कोशिश कर रही है। माना जा रहा है कि इससे कई और तथ्य सामने आ सकते हैं।
वीडियो शेयर न करने की अपील (Appeal not to share videos)
पुलिस ने लोगों से अपील (appeal) की है कि इस मामले से जुड़े किसी भी वीडियो या फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर न करें (do not share) । ऐसा करना कानूनन अपराध (crime) है और इससे पीड़ितों को और नुकसान हो सकता है।
राजनीतिक तूल और SIT जांच की मांग (Political heat and demand for SIT probe)
इस मामले ने अब राजनीतिक रूप (political shape) भी ले लिया है:
- विपक्ष (opposition) ने कानून-व्यवस्था (law and order) को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।
- आरोपी के कथित राजनीतिक संबंधों (political connections) को लेकर भी चर्चा हो रही है।
- कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि आरोपी एक राजनीतिक दल (political party) से जुड़ा था (हालांकि संबंधित दल ने उसे हटा दिया है)।
- कुछ नेताओं ने एसआईटी जांच (SIT investigation) की मांग की है, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच (fair investigation) हो सके।
पीड़िताओं ने अभी तक शिकायत नहीं दर्ज कराई (Victims have not filed complaint yet)
परतवाड़ा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसी पीड़िता ने औपचारिक शिकायत (formal complaint) दर्ज नहीं कराई है, लेकिन उनसे संपर्क किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि पीड़िताएं किसी भी थाने में ‘जीरो FIR’ (Zero FIR) दर्ज करा सकती हैं और उनकी पहचान सुरक्षित रखी जाएगी।