केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मंगलवार (26 मई 2026) को राजस्थान के बीकानेर दौरे पर हैं। उन्होंने सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया और बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के जवानों को अहम संदेश दिया।
शाह ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ की सांचू पोस्ट पहुंचकर प्रहरी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने साफ कहा कि बीएसएफ को अब अपनी परंपरागत ड्यूटी से आगे बढ़कर नए सुरक्षा आयामों पर काम करना होगा।
’50 किलोमीटर तक की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी’
अमित शाह ने बीएसएफ को जिम्मेदारी देते हुए कहा कि केवल सीमा की निगरानी पर्याप्त नहीं है। बल्कि सीमा से लगे क्षेत्रों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
BSF को क्या-क्या करना होगा?
- 50 किलोमीटर तक नजर रखनी होगी – सीमा से सटे गांवों में किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखी जाए
- अवैध निर्माण की सूचना देना होगी – सीमा से लगे 50 किमी के गांवों में होने वाले अवैध निर्माण की जानकारी सिविल प्रशासन और पुलिस को दी जाए
- आबादी में बदलाव पर सतर्कता – सीमावर्ती गांवों की आबादी में अस्वाभाविक बदलाव दिखने पर राज्य सरकार को तुरंत अलर्ट किया जाए
ड्रोन तस्करी को बताया सबसे बड़ा खतरा
गृहमंत्री ने ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।
क्या कहा अमित शाह ने?
‘ड्रोन भारत की जमीन पर उतरता है, उसे कौन रिसीव करता है और सामग्री का इस्तेमाल कौन करता है, इस पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिए।’
शाह ने ड्रोन के जरिए होने वाली हथियार और नारकोटिक्स तस्करी को बेहद गंभीर खतरा बताया। उन्होंने घोषणा की कि सरकार अगले छह महीने में ड्रोन रोधी सिस्टम लगाने की शुरुआत करेगी।
‘फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड’ तैयार करेंगे
अमित शाह ने सुरक्षा का एक नया मॉडल पेश किया – फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड। इसके तहत चारों ताकतें मिलकर काम करेंगी:
| लेयर | जिम्मेदारी |
|---|---|
| पहली लेयर | बीएसएफ |
| दूसरी लेयर | सेना |
| तीसरी लेयर | नागरिक |
| चौथी लेयर | राज्य सरकार |
शाह ने कहा कि यह सिर्फ सुरक्षा ग्रिड नहीं है, बल्कि साझा जिम्मेदारी वाला सुरक्षा मॉडल है। सभी को मिलकर इसे मजबूत करना होगा।
अंदरूनी खतरों पर भी नजर रखनी होगी
गृहमंत्री ने साफ किया कि केवल सीमा पार के खतरे ही नहीं, बल्कि देश के अंदर मौजूद उन तत्वों पर भी नजर रखनी होगी, जिनका इस्तेमाल दुश्मन ताकतें करती हैं।
साझा जिम्मेदारी पर जोर
- बीएसएफ, सेना, नागरिक और राज्य सरकार – सभी को मिलकर काम करना होगा
- जिन सीमाओं की सुरक्षा बीएसएफ करती है, वहां यह चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड मजबूत किया जाएगा
- हमला होने के बाद जवाब देने की नौबत नहीं आनी चाहिए
देशभर की सीमाओं पर होगी संयुक्त बैठक
अमित शाह ने बताया कि हाल ही में उन्होंने बिहार के सीमांचल क्षेत्र में इसी विषय पर बैठक की थी। अब आगे भी ऐसी बैठकें होंगी:
- कच्छ बॉर्डर पर बैठक होगी
- त्रिपुरा बॉर्डर पर बैठक होगी
- पश्चिम बंगाल में भी बैठक होगी
शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य उन सभी सीमाओं पर इस सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना है, जहां BSF तैनात है।
‘दुश्मन हमला करने की हिम्मत न कर सके’
अमित शाह ने 2014 के बाद भारत की सुरक्षा नीति में आए बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने कहा:
2014 से पहले vs अब
| पहलू | पहले की स्थिति | अब की स्थिति |
|---|---|---|
| सुरक्षा नीति | प्रतिक्रियात्मक | सक्रिय |
| BSF और सेना का आधुनिकीकरण | धीमी गति | तेजी से हो रहा है |
| आतंकी हमलों का जवाब | ढुलमुल | कठोरता से दिया जाता है |
शाह का स्पष्ट संदेश
‘स्थिति ऐसी नहीं होनी चाहिए कि हमला होने के बाद जवाब देना पड़े। हमारी जिम्मेदारी ऐसी मजबूत सीमाएं बनाना है कि दुश्मन हमला करने की हिम्मत ही न कर सके।’
उन्होंने कहा कि जहां-जहां आतंकियों ने बड़े हमले करने की कोशिश की, वहां भारत ने पूरी कठोरता से जवाब दिया है।
बीकानेर में महिला बैरकों का ई-उद्घाटन
अमित शाह ने बीकानेर में महिला बैरकों का ई-उद्घाटन भी किया। इस मौके पर उन्होंने सीमा सुरक्षा में महिला जवानों की बढ़ती भूमिका की सराहना की।