सोनम वांगचुक ने 26 दिन की भूख हड़ताल के बाद आज अपना अनशन खत्म कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
रात करीब साढ़े ग्यारह बजे केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे। इसके अलावा लद्दाख की एपेक्स बॉडी के बड़े नेता भी वहां मौजूद रहे।
सांसदों ने भी की अनशन समाप्त करने की अपील
पहले अलग-अलग राजनीतिक दलों के करीब 65 सांसद उनसे मिलने पहुंचे थे। इन सांसदों ने हस्ताक्षर करके वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की।
साथ ही भरोसा दिलाया कि संसद में NEET पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली के मुद्दे पर चर्चा होगी। सरकार की तरफ से आए मंत्रियों ने भी यही आश्वासन दिया था।
दो दिन और बढ़ा अनशन, लिखित आश्वासन की जिद
वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिन से सरकार के साथ इस बात को लेकर सख्त बातचीत चल रही थी। उनकी मांग थी कि उन्हें आश्वासन लिखित रूप में चाहिए।
इसी वजह से फैसला होने में दो दिन का समय और लगा और उन्हें दो दिन और भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ती तो वे और भी दिन बैठने को तैयार थे।
सरकार के लिखित आश्वासन में ये 3 बड़ी बातें
सरकार के लिखित आश्वासन में तीन बड़ी बातें कही गई हैं:
पहली: जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
दूसरी: संसद में पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली सुधारने पर चर्चा होगी ताकि इसका स्थायी हल निकाला जा सके।
तीसरी: हाल में NEET पेपर लीक के कारण जिन छात्रों ने आत्महत्या की, उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सरकार सकारात्मक तरीके से विचार कर रही है।
वांगचुक ने जताया आभार
वांगचुक ने लद्दाख की एपेक्स बॉडी के उन सभी नेताओं का धन्यवाद किया जो लद्दाख से दिल्ली आए। उन्होंने उन सभी सांसदों का भी आभार जताया जो उनसे मिलने पहुंचे।
उन्होंने कहा, “26 दिन बाद मुझे पहली बार कुछ खाने को मिला है और यह स्वाद बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता।”