अमेरिका और ईरान के बीच अब जंग थम गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान करते हुए शांति समझौते पर सहमति का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते लंबे समय से बंद होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकाबंदी हटाने के साथ ही इसे फिर से खोले जाने को मंजूरी दे दी गई है।
यह शांति समझौता भारत के लिए कई मायनों में राहत भरा है। आइए जानते हैं इससे भारत और भारतीयों को क्या फायदा होगा।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?
बीते 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले शुरू किए गए थे। इसके बाद ईरानी पलटवार ने मिडिल ईस्ट में आग लगा दी और इसकी आंच में दुनिया के कई देश झुलसे।
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया, जो दुनिया की कुल तेल जरूरत का करीब 20 फीसदी पूरा करने के लिए जरूरी है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला।
क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट
कच्चे तेल पर US-Iran शांति समझौते का असर दिखने भी लगा है और सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम में अचानक बड़ी गिरावट आई है।
ब्रेंट क्रूड की कीमत 5 फीसदी गिरकर 83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। WTI क्रूड की कीमत 5.50 फीसदी गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। मर्बन क्रूड में तो करीब 7 फीसदी की गिरावट आई है।
पहला फायदा: तेल-गैस का संकट होगा कम
भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है। होर्मुज के खुलने से तेल-गैस की सप्लाई सुचारू हो जाएगी।
यह डील देश में तेल-गैस के संकट को कम करने वाली साबित हो सकती है। आपूर्ति बढ़ने से भारत को कच्चा तेल आयात करने में आसानी होगी।
दूसरा फायदा: पेट्रोल-डीजल और LPG हो सकता है सस्ता
होर्मुज स्ट्रेट खुलने और तेल-गैस सप्लाई चेन में सुधार से देश में इनका आयात बढ़ जाएगा, जिससे किल्लत खत्म होगी। कच्चा तेल सस्ता होने से पेट्रोल-डीजल की लागत कम हो सकती है।
यह आम भारतीय के लिए एक बड़ी राहत होगी। गैस की आपूर्ति सुचारू होने से एलपीजी सिलेंडर के दाम भी घट सकते हैं। यह न सिर्फ आम लोगों, बल्कि उद्योगों के लिए भी राहत भरा होगा।
महंगाई पर लगेगा अंकुश
ईंधन सस्ता होने से महंगाई पर नियंत्रण होगा। ट्रांसपोर्टेशन का खर्च घटेगा, जिससे खाने-पीने की चीजों समेत अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
यह आम आदमी के लिए सबसे बड़ी राहत होगी। बढ़ती महंगाई ने लोगों का बजट बिगाड़ रखा था।
तीसरा फायदा: शेयर बाजार के सेंटीमेंट में सुधार
ग्लोबल तनाव, युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव ऐसे कारण हैं जो सीधे शेयर बाजार पर असर डालते हैं। इसका असर भारतीय शेयर बाजार लंबे समय से देख रहा है।
जैसे ही ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते का ऐलान किया, सोमवार को खुलने के साथ ही सेंसेक्स-निफ्टी रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे।
FPIs की हो सकती है वापसी
भारतीय शेयर बाजार से लगातार दूरी बनाए चल रहे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की धारणा में भी सुधार हो सकता है।
एक बार फिर उनकी वापसी हो सकती है, जिससे बाजार को सपोर्ट मिलेगा। इस साल 2026 में फरवरी को छोड़कर हर महीने भारी बिकवाली देखने को मिली है।
चौथा फायदा: रुपये को मिलेगी मजबूती
क्रूड ऑयल की कीमत कम होने से भारतीय करेंसी रुपये को भी फायदा होगा। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार कमजोर हो रहा था और 95 के आंकड़े को पार कर चुका था।
इसके पीछे की वजह भी कच्चा तेल ही था। क्रूड का दाम घटने से भारत का तेल आयात बिल कम होगा और देश का व्यापार घाटा भी घटेगा।
पांचवां फायदा: प्रवासी भारतीयों को राहत
मिडिल ईस्ट की जंग ने न सिर्फ आयात-निर्यात पर बुरा असर डाला, बल्कि खाड़ी देशों में रहकर रोजगार करने वाले लाखों भारतीयों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 90 लाख भारतीय खाड़ी देशों में काम करते हैं। यह शांति समझौता इन प्रवासियों की सुरक्षा और उनके रोजगार को लेकर पैदा हुए जोखिम को कम करने में सहायक होगी।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल के दामों से जुड़ी हैं। जैसे ही क्रूड सस्ता हुआ, आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम घट सकते हैं।
हालांकि, यह पूरी तरह से तेल कंपनियों और सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा। लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही राहत मिलेगी।
एलपीजी सिलेंडर के दाम घटने की उम्मीद
पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम काफी बढ़ गए थे। घरेलू सिलेंडर की कीमतों पर भी दबाव था।
तेल-गैस सप्लाई सुचारू होने से एलपीजी सिलेंडर के दामों में भी गिरावट आ सकती है। यह आम घरों की रसोई के लिए बड़ी राहत होगी।
आर्थिक विकास को मिलेगी गति
तेल की कम कीमतों से भारत की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा। कंपनियों की लागत घटेगी, जिससे उनके मुनाफे में बढ़ोतरी होगी।
इससे नए निवेश आएंगे और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। देश की आर्थिक विकास दर को भी गति मिलेगी।
खुशखबरी का दौर शुरू
यह शांति समझौता भारत के लिए कई मायनों में एक खुशखबरी है। पिछले कुछ महीनों से देश मुश्किल दौर से गुजर रहा था।
तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई को बढ़ावा दिया था, रुपया कमजोर हो गया था और शेयर बाजार लगातार गिर रहे थे। अब उम्मीद है कि हालात में सुधार आएगा।