नेटफ्लिक्स पर आई डार्क कॉमेडी ‘टोस्टर’ में राजकुमार राव की परफॉर्मेंस बढ़िया, लेकिन फिल्म उम्मीदों पर खरी नहीं उतरती, सेकेंड हाफ में बिखरती है कहानी, क्लाइमैक्स संतुष्ट नहीं करता, अर्चना पूरन सिंह का रोल सरप्राइज पैकेज (2.5 स्टार)
बॉलीवुड के बेहतरीन एक्टर्स में से एक राजकुमार राव (Rajkummar Rao) अगर कोई डार्क कॉमेडी (dark comedy) लेकर आएं तो उम्मीद यही की जाएगी कि वह कमाल का काम करेंगे। फिल्म ‘टोस्टर’ (Toaster) का ट्रेलर रिलीज होने के बाद से फैंस को इसे देखने का इंतजार था। अब जब यह नेटफ्लिक्स (Netflix) पर आ गई है, तो आइए जानते हैं कैसी है यह फिल्म।
फिल्म: टोस्टर (Toaster) – 2.5 स्टार (2.5 Stars)
- कलाकार (Cast): राजकुमार राव (Rajkummar Rao), सान्या मल्होत्रा (Sanya Malhotra), अर्चना पूरन सिंह (Archana Puran Singh), उपेंद्र लमये (Upendra Limaye), सीमा पाहवा (Seema Pahwa), अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee)
- निर्देशक (Director): विवेक दासचौधरी (Vivek Daschaudhary)
फिल्म की कहानी क्या है (What is the film’s story)?
‘टोस्टर’ कहानी है एक कंजूस-मक्खीचूस (miser) आदमी रमाकांत पारेख (Ramakant Parekh) (राजकुमार राव) की। रमाकांत एक नंबर चिंदी आदमी है और जैसा कि अक्सर होता है, वह कंजूस के साथ-साथ लालची (greedy) भी होता है।
- रमाकांत और उसकी पत्नी शिल्पा (Shilpa) (सान्या मल्होट्रा) एक बूढ़ों की कॉलोनी (old age colony) में किराए पर रहते हैं।
- उसकी बीमारी (obsession) बढ़ती जा रही है – वह टेलिकॉम कंपनी से कॉल करके गलती से कटे 6 रुपये (Rs 6) तक कैश में मांग लेता है।
- उसकी जिंदगी का सबसे मुश्किल पल तब आता है जब उसकी पत्नी उससे 9 हजार रुपये (Rs 9,000) का टोस्टर (toaster) खरीदवा देती है।
लेकिन एक चीज जो वह भी नहीं जानता था, वह यह कि यह टोस्टर सही में उसकी जान का क्लेश (torment) बन जाएगा।
समीक्षा (Review) – फिल्म कैसी है?
डार्क कॉमेडी होने के बावजूद फिल्म ठंडी (cold) है।
- पहला हाफ (First Half): शुरुआत मजेदार (interesting) होती है। आपको रमाकांत और उससे जुड़े लोगों के बारे में जानने को मिलता है। कई बड़े मोड़ (twists) आते हैं और आपकी दिलचस्पी बढ़ती जाती है।
- सेकेंड हाफ (Second Half): आपको कुछ नया नहीं सर्व (serve) करता। फिल्म बिखर जाती है।
- क्लाइमैक्स (Climax): अजीब (weird) है और संतुष्टि (satisfaction) नहीं देता।
- हंसी (Laughter): फिल्म आपको कुछ ही पलों (few moments) में हंसा पाती है। इसके थोड़े बहुत मोमेंट और पंचलाइन (punchlines) अच्छे हैं।
परफॉरमेंस (Performances)
| कलाकार (Actor) | प्रदर्शन (Performance) |
|---|---|
| राजकुमार राव (Rajkummar Rao) | बढ़िया (good) काम किया है, लेकिन कुछ नया (new) नहीं देते। उनकी पुरानी परफॉरमेंस याद आने लगती है। |
| सान्या मल्होत्रा (Sanya Malhotra) | अच्छी हैं, लेकिन उनके पोटेंशियल (potential) के हिसाब से उन्हें कुछ बड़ा करने को नहीं दिया गया। |
| अर्चना पूरन सिंह (Archana Puran Singh) | फिल्म का सरप्राइज पैकेज (surprise package) है। क्रीपी (creepy) मालिनी के रोल में अच्छा काम किया है। |
| सीमा पाहवा (Seema Pahwa) , अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) , उपेंद्र लमये (Upendra Limaye) , फराह खान (Farah Khan) | सभी ने बढ़िया (good) काम किया है। फराह खान को किसी फिल्म में इतने वक्त बाद देखना रिफ्रेशिंग (refreshing) था। |