साइकोलॉजिकल थ्रिलर कहानियों वाली फिल्में और सीरीज देखना पसंद करते हैं, तो आपके लिए नेटफ्लिक्स पर एक बेहतरीन सीरीज है। 16 एपिसोड की इस सीरीज को IMDb पर 8.3 रेटिंग मिली है।
यह ‘द ग्लोरी’ नाम की साउथ कोरियन सीरीज है। जी हां, के-ड्रामा, जिसका नाम सुनते ही अक्सर हम में से कई लोग ऐसा सोचते हैं कि वहां सिर्फ रोमांस की कहानियों पर ही उम्दा सीरीज बनती है।
सिर्फ रोमांस नहीं, थ्रिलर में भी माहिर
लेकिन ‘स्क्विड गेम्स’ का थ्रिल तो आपको याद होगा ही। साउथ कोरिया ने पिछले कुछ साल में कई बेहतरीन हॉरर-थ्रिलर फिल्में और सीरीज बनाई हैं। अच्छी बात यह है कि के-ड्रामा ने इसे सिर्फ जॉम्बी वाली कहानियों तक सीमित नहीं रखा है।
‘द ग्लोरी’ इसका एक बेहतरीन उदाहरण है। यह सीरीज बदले की एक रोमांचक कहानी है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है।
सच्ची घटना पर आधारित है कहानी
‘द ग्लोरी’ की कहानी किम यून-सूक ने लिखी है, जबकि इसे आन गिल-हो ने डायरेक्ट किया है। इसकी कास्ट में सॉन्ग ह्ये-क्यो, ली डो-ह्यून, लिम जी-योन, येओम ह्ये-रान, पार्क सुंग-हून और जंग सुंग-इल शामिल हैं।
इसके कुछ सीन 2006 की एक सच्ची घटना पर आधारित हैं। तब दक्षिण कोरिया के चेओंगजू में मिडिल स्कूल के कुछ छात्रों के एक ग्रुप ने अपनी ही क्लास की एक स्टूडेंट से लगभग एक महीने तक पैसे ऐंठे और इस दौरान उसे बार-बार पीटा और कई चीजों से जलाया भी।
क्या है ‘द ग्लोरी’ की कहानी?
यह कहानी एक महिला (सॉन्ग ह्ये-क्यो) की है, जिसे हाई स्कूल में बुलीज यानी धौंस जमाने वालों ने बहुत बुरी तरह परेशान किया था। वह तड़पती है, ज्यादती सहती है, लेकिन हार नहीं मानती।
वह उन लोगों से बदला लेने के लिए कई साल तक एक जबरदस्त प्लान बनाती है। इसके बाद जब वह उसी स्कूल में टीचर बनकर जाती है, तो वहां कहानी में ट्विस्ट आता है।
बदमाश बुली गैंग ने तोड़ा सपना
कहानी के केंद्र में मून डोंग-उन है, जो स्कूल के दिनों में हिंसा का शिकार हुई थी। मून का सपना आर्किटेक्ट बनने का था, लेकिन उसका यह सपना एक भयावह हकीकत बन जाता है।
बुली गैंग का लीडर पार्क येओन-जिन और उसके पांच अमीर क्लासमेट्स मून पर क्रूरता की हद पार करते हैं। ये बेरहम लड़के उसे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से इस हद तक प्रताड़ित करते हैं कि वह हाई स्कूल छोड़ देती है।
परिवार ने भी छोड़ा साथ
स्कूल के स्टाफ और यहां तक कि उसकी अपनी मां ने भी उसका साथ छोड़ दिया। वह पूरी तरह अकेली पड़ जाती है। कोई उसकी मदद को आगे नहीं आता।
इसी अकेलेपन और दर्द ने उसे मजबूत बनाया और बदला लेने का जज्बा दिया।
बरसों बाद उसी स्कूल में लौटती है
कई साल बाद, मून एक एलिमेंट्री स्कूल टीचर के तौर पर उस स्कूल में लौटती है। अब इसे इत्तेफाक कहें या सोची-समझी चाल, वह अपने अतीत के उस क्रूर बुली लीडर पार्क येओन-जिन की छोटी बेटी की होम टीचर बन जाती है।
इस तरह मून की एंट्री होती है अपने दुश्मनों की अमीर और आलीशान जिंदगी में।
पूरी प्लानिंग और सब्र के साथ बदला
मून डोंग-उन इंतजार करती है। वह तुरंत बदला लेने के बजाय, लंबी चाल चलती है। वह अपने बदले को ‘बाडुक’ (गो) बोर्ड गेम की तरह अंजाम देती है।
वह सब्र से भरी रणनीति अपनाती है। वह पार्क येओन-जिन और उन 5 लोगों के लालच, घमंड, ड्रग्स की लत और आपस के अविश्वास का इस्तेमाल करती है।
‘एग्जीक्यूशनर’ और सहयोगी
कहानी में एक और दिलचस्प किरदार है जू येओ-जुंग। वह एक सदमे से गुजर रहा प्लास्टिक सर्जन है, जो उसका ‘एग्जीक्यूशनर’ बनता है।
मून आगे पार्क येओन-जिन के घर में काम करने वाले कांग ह्योन-नाम को भी साथ मिलाती है, क्योंकि पार्क ने उसे भी बहुत प्रताड़ित किया है।
सब्र, हौसला और ईंधन
अब सवाल उठता है कि बरसों की दबी बदले की आग, सब्र, हौसला और ईंधन के साथ मून डोंग-उन आखिर क्या करेगी? यह जानने के लिए आपको नेटफ्लिक्स पर यह 16 एपिसोड की वेब सीरीज ‘द ग्लोरी’ देखनी पड़ेगी।
इसकी कहानी और एक्टिंग दोनों ही दमदार हैं, जो आपको अंत तक बांधे रखेंगे।
8 नॉमिनेशन और तीन अवॉर्ड
‘द ग्लोरी’ वेब सीरीज को साउथ कोरिया के प्रतिष्ठित 59वें बेक्सैंग आर्ट्स अवॉर्ड्स में 8 नॉमिनेशन मिले, इसने उसमें से तीन अवॉर्ड जीते।
सीरीज को बेस्ट ड्रामा का पुरस्कार मिला, जबकि सॉन्ग ह्ये-क्यो को बेस्ट एक्ट्रेस और लिम जी-योन को बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस चुना गया।