एसएस राजामौली हमारे दौर में भारत के सबसे बड़े फिल्ममेकर्स में से एक हैं। कुछ महीने पहले उनकी फिल्म RRR ने ऑस्कर अवॉर्ड जीतकर भारतीय सिनेमा के फैंस को खुशी का एक बड़ा मौका दिया था।
RRR देखने के बाद पूरी दुनिया ने उनके क्राफ्ट की जमकर तारीफ की। जिस ग्रैंड स्केल और सिनेमेटिक ब्रिलियंस के साथ राजामौली फिल्म बनाते हैं, उसे देखते हुए यह सोचना मुश्किल नहीं है कि अगर वह भारत की प्राचीन सभ्यताओं पर फिल्म बनाएं तो नतीजा कितना बेहतरीन होगा।
धोलावीरा के प्राचीन पेड़ से आई प्रेरणा
रविवार को राजामौली ने ट्विटर पर बताया कि उन्होंने असल में ऐसा एक आइडिया सोचा था। लेकिन यह आइडिया आगे नहीं बढ़ पाया और इसकी वजह पड़ोसी देश पाकिस्तान है।
उन्होंने बताया कि गुजरात के धोलावीरा में ‘मगधीरा’ के लिए शूट करते हुए उन्होंने एक पेड़ देखा, जो इतना प्राचीन था कि जीवाश्म बन चुका था। इसी पेड़ ने उन्हें सिंधु घाटी सभ्यता पर फिल्म बनाने का आइडिया दिया।
एक पेड़ के जरिए कहानी कहने का अलग अंदाज
राजामौली ने बताया कि उन्होंने एक फिल्म बनाने का सोचा जो सिंधु घाटी सभ्यता की शुरुआत और उसके अंत को दिखाए। यह कहानी उसी प्राचीन पेड़ के जरिए कही जानी थी।
यह कहानी कहने का बेहद अनोखा तरीका था। एक पेड़ जो हजारों सालों से खड़ा है, वह सभ्यता के उत्थान और पतन दोनों का गवाह है। यह आइडिया राजामौली के क्रिएटिव जीनियस को दिखाता है।
पाकिस्तान ने नहीं दी मोहनजोदड़ो जाने की इजाजत
राजामौली ने आगे बताया, ‘कुछ साल बाद मैं पाकिस्तान भी गया। मोहनजोदड़ो जाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मुझे इजाजत नहीं दी गई।’
यहीं से उनका यह आइडिया अधर में लटक गया। मोहनजोदड़ो सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है। वहां जाने की इजाजत न मिलने के कारण वह अपनी रिसर्च पूरी नहीं कर पाए।
मोहनजोदड़ो में टूरिस्ट एंट्री पर बैन
मोहनजोदड़ो एक वर्ल्ड हेरिटेज साइट है और पाकिस्तान में सिंधु नदी के किनारे स्थित है। यहां सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष मौजूद हैं।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि कुछ समय पहले पाकिस्तान में भयानक बारिश और बाढ़ से मोहनजोदड़ो पर खतरा पैदा हो गया था। इस हेरिटेज साइट को बचाने के लिए पाकिस्तान के आर्कियोलॉजी डिपार्टमेंट ने सरकार को सलाह दी थी कि यहां टूरिस्ट एंट्री बैन कर दी जाए।
आनंद महिंद्रा ने उठाया मुद्दा
रविवार को उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने एक ट्विटर थ्रेड शेयर किया, जिसमें भारत की प्राचीन सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़े कुछ बेहतरीन इलस्ट्रेशन थे।
अपनी पोस्ट में आनंद ने राजामौली को टैग करते हुए लिखा, ‘आपको उस युग पर आधारित एक फिल्म बनानी चाहिए जो उस प्राचीन सभ्यता को लेकर दुनिया भर में एक अवेयरनेस क्रिएट करे।’
राजामौली ने साझा किया अपना दर्द
इस ट्वीट का जवाब देते हुए राजामौली ने अपना पुराना आइडिया और पाकिस्तान में मोहनजोदड़ो जाने की कोशिश के बारे में बताया। उन्होंने लिखा, ‘यस सर… धोलावीरा (गुजरात) में ‘मगधीरा’ के लिए शूट करते हुए मैंने एक पेड़ देखा, जो इतना प्राचीन था कि जीवाश्म बन चुका था।’
उन्होंने आगे लिखा, ‘मैंने एक फिल्म बनाने का सोचा जो सिंधु घाटी सभ्यता की शुरुआत और खत्म होना दिखाए, यह कहानी उस पेड़ के जरिए कही जाए!! कुछ साल बाद मैं पाकिस्तान भी गया। मोहनजोदड़ो जाने की बहुत कोशिश की, लेकिन मुझे इजाजत नहीं दी गई।’
फैंस इम्प्रेस, उम्मीदें बरकरार
राजामौली का आइडिया जानने के बाद ट्विटर की जनता उनसे काफी इम्प्रेस नजर आई। लोगों ने इस आइडिया की जमकर तारीफ की और उम्मीद जताई कि कभी न कभी वह इस फिल्म को बनाएंगे।
‘बाहुबली’ जैसी एपिक फिल्म बनाने वाले राजामौली अगर सिंधु घाटी सभ्यता पर फिल्म बनाएं तो बड़ी स्क्रीन पर इसे देखना अपने आप में एक शानदार अनुभव होगा। उम्मीद है कि उनका यह आइडिया कभी पूरा हो और जनता इसे स्क्रीन पर देख पाए।
‘मोहेंजो दारो’ से तुलना
यह कोई पहली बार नहीं है जब सिंधु घाटी सभ्यता पर फिल्म बनाने की कोशिश हुई हो। ‘जोधा अकबर’ जैसी शानदार पीरियड फिल्म बनाने वाले आशुतोष गोवारिकर ने ऋतिक रोशन और पूजा हेगड़े के साथ ‘मोहेंजो दारो’ बनाई थी।
लेकिन इस फिल्म को बहुत खराब रिव्यूज मिले और यह आज तक ऋतिक की सबसे बड़ी फ्लॉप फिल्मों में गिनी जाती है।
राजामौली की आने वाली फिल्में
अब राजामौली तेलुगू स्टार महेश बाबू के साथ एक एडवेंचर फिल्म बना रहे हैं। इस फिल्म के बारे में राजामौली कह चुके हैं कि यह उनकी सबसे बड़ी फिल्म होगी और इसे एक इंटरनेशनल अपील के साथ तैयार किया जा रहा है।
हालांकि, उनके फैंस अब भी उनसे सिंधु घाटी सभ्यता पर बनने वाली उस एपिक फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। शायद एक दिन उनका यह आइडिया जरूर पूरा होगा और दुनिया उस जबरदस्त फिल्म को देख पाएगी।