विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना तेलंगाना में शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए किए गए अपने वादे को पूरा करने में जुटे हुए हैं। दोनों ने मेधावी छात्रों की पढ़ाई में मदद के लिए एक स्कॉलरशिप पहल शुरू की थी।
रविवार को विजय और रश्मिका तेलंगाना के अचंपेट मंडल के थुम्मनपेट गांव पहुंचे। यह वही गांव है जहां विजय के पिता का जन्म हुआ था।
छात्रों को प्रेरित करने पहुंचे विजय-रश्मिका
विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना ने तेलंगाना के अचंपेट क्षेत्र के 180 मेधावी छात्रों को स्कॉलरशिप दी। कार्यक्रम में दोनों ने छात्रों को प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि उनका सपना है कि होनहार छात्रों को स्कॉलरशिप दी जाए और उन लोगों को कुछ लौटाया जाए, जिनसे उन्हें अपने करियर में इतना प्यार और समर्थन मिला है।
क्या है ‘द देवरकोंडा फाउंडेशन’?
यह स्कॉलरशिप ‘द देवरकोंडा फाउंडेशन’ के तहत दी गई है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई में आर्थिक मदद करना है।
ताकि महत्वपूर्ण शैक्षणिक दौर में उन्हें पैसों की वजह से पढ़ाई न छोड़नी पड़े। यह एक सराहनीय कदम है।
विजय ने साझा की छात्रों की सूची
विजय ने X पर स्कॉलरशिप के लिए चुने गए छात्रों की सूची साझा की। उन्होंने लिखा कि वह और रश्मिका थुम्मनपेट जा रहे हैं, उस छोटे से गांव में जहां उनके पिता का जन्म हुआ था।
उन्होंने बताया कि फरवरी में उन्होंने इस छोटे से सपने की शुरुआत की थी। उनका मकसद था तेलंगाना के अचंपेट मंडल के 9वीं और 10वीं कक्षा के मेहनती छात्रों को सम्मानित करना।
180 बच्चों ने बढ़ाया माता-पिता का मान
विजय ने आगे लिखा, ‘यहां उन 180 बच्चों की सूची है जिन्होंने अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।’ यह लाइन काफी भावुक करने वाली थी।
छात्रों और उनके परिवारों के लिए यह एक बड़ा सम्मान था। उनकी मेहनत को सराहा गया।
‘यह स्कॉलरशिप छोटा-सा तोहफा है’
कार्यक्रम में विजय ने छात्रों और उनके परिवारों को संबोधित करते हुए कहा, ‘यह स्कॉलरशिप एक छोटा-सा तोहफा है, लेकिन मेरे लिए इसकी बहुत अहमियत है। मैं आपकी जिंदगी का हिस्सा बनना चाहता हूं।’
उन्होंने कहा कि अपने गांव से शुरुआत करके वह चाहते हैं कि यह पहल धीरे-धीरे पूरे तेलंगाना तक पहुंचे। यही उनका सपना है।
‘मैं आज रश्मिका मंदाना देवरकोंडा के रूप में खड़ी हूं’
रश्मिका ने छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि वह इस पहल को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं आज ज्यादा नहीं बोलूंगी, लेकिन आज हम ‘द देवरकोंडा फाउंडेशन’ के जरिए एक अच्छी शुरुआत कर रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हमने तय किया था कि इसकी शुरुआत अचंपेट और थुम्मनपेट से करेंगे, जो हमारे ससुरजी का गांव है। आज मैं आपके सामने रश्मिका मंदाना देवरकोंडा के रूप में खड़ी हूं।’
विजय का भावुक संबोधन
विजय ने छात्रों की मेहनत, अनुशासन और फोकस का जश्न मनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनकी यह पहल धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैले।
यह उनके लिए एक भावुक पल था, क्योंकि वह अपने पिता के गांव में खड़े थे और अपने सपने को साकार कर रहे थे।
शादी के बाद पहली बार साथ
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने 26 फरवरी 2026 को उदयपुर के पास एक निजी डेस्टिनेशन वेडिंग में शादी की थी।
यह उनकी शादी के बाद पहली बार था जब वे इस तरह की सामाजिक पहल के लिए एक साथ आए। उन्होंने अपनी शादी को एक मौके के रूप में इस्तेमाल किया।
‘राणाबाली’ में साथ दिखेंगे दोनों
वर्कफ्रंट की बात करें तो विजय और रश्मिका जल्द ही फिल्म ‘राणाबाली’ में एक साथ नजर आएंगे। शादी के बाद यह उनकी पहली फिल्म होगी।
इससे पहले दोनों ‘गीता गोविंदम’ (2018) और ‘डियर कॉमरेड’ (2019) में साथ काम कर चुके हैं। डायरेक्टर राहुल सांकृतायन की यह फिल्म 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
फरवरी में किया था वादा
इस साल की शुरुआत में विजय और रश्मिका ने यह वादा किया था, जब वे अपने नए घर के गृहप्रवेश और सत्यनारायण व्रत पूजा के लिए थुम्मनपेट गांव गए थे।
उन्होंने वहां तय किया था कि वे इस गांव और आसपास के क्षेत्र के छात्रों की मदद करेंगे। अब वे अपने वादे को पूरा कर रहे हैं।
सराहनीय पहल
रश्मिका और विजय की यह पहल काफी सराहनीय है। वे अपनी सफलता का इस्तेमाल दूसरों की मदद के लिए कर रहे हैं।
यह एक मिसाल है कि स्टार्स भी समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। उम्मीद है कि और सेलिब्रिटी भी ऐसी पहल करेंगे।