ताशकंद | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) पहुंचे। ताशकंद एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहां राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव (Shavkat Mirziyoyev) पीएम मोदी को लेने खुद पहुंचे। यह पीएम मोदी की उज्बेकिस्तान की चौथी यात्रा है और इसका मकसद दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी (Strategic Partnership) को मजबूत करना है। इस दौरान व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा (Defence) और ऊर्जा (Energy) क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी।
क्यों है यह यात्रा खास?
- मजबूत होगी साझेदारी: दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई मिलेगी। ‘विकसित भारत‘ और ‘नया उज्बेकिस्तान‘ की साझा सोच को आगे बढ़ाने पर जोर है।
- कई सेक्टर्स में डील: व्यापार, निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत होगी।
- सांस्कृतिक संबंध: पीएम मोदी ताशकंद में शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी सेंटर का भी दौरा करेंगे, जो भारत-उज्बेकिस्तान के पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को दर्शाता है।
यात्रा का कार्यक्रम
- ताशकंद (29-30 अगस्त): राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय वार्ता। दोनों देशों के बीच सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
- बिश्केक (किर्गिज गणराज्य): इसके बाद पीएम मोदी SCO (शंघाई सहयोग संगठन) के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक जाएंगे।
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क्या कहा PM Modi ने?
यात्रा से पहले पीएम मोदी ने कहा कि वह राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ व्यापार और निवेश में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं। मध्य एशिया को भारत की विदेश नीति में एक महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है।