भोपाल | मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, लेकिन अब अगले 72 घंटे (24-26 अगस्त) दोनों संभागों में भारी से अति भारी बारिश का दौर शुरू हो रहा है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में रेड (Red) और ऑरेंज (Orange) अलर्ट जारी कर चेतावनी दी है कि इस दौरान गरज-चमक, 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं, जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। राजधानी भोपाल, इंदौर और जबलपुर सहित कई प्रमुख शहर इसके दायरे में हैं।
24 अगस्त: इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर
सोमवार (24 अगस्त) को डिंडोरी और बालाघाट में अति भारी बारिश (Red Alert) की आशंका है। वहीं, भारी बारिश (Orange Alert) वाले जिलों में शामिल हैं:
- विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल
- सीधी, रीवा, उमरिया, कटनी
- जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला
- सागर, छतरपुर, पन्ना
25-26 अगस्त: बारिश का दायरा और बढ़ेगा
मौसम विभाग के अनुसार, 25 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी, दोनों संभागों में अति भारी वर्षा की चेतावनी है। नर्मदापुरम, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, दमोह, सागर, रायसेन, बैतूल, सीधी, शहडोल, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और पांढुर्णा में असर ज्यादा दिख सकता है।
26 अगस्त को भी राहत के आसार नहीं हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश में अति भारी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश जारी रह सकती है। 27 अगस्त तक कुछ हिस्सों में असर बना रह सकता है, जबकि 28 अगस्त से व्यापक चेतावनी में कमी के संकेत हैं।
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क्यों है यह अलर्ट जरूरी?
1 जून से अब तक प्रदेश में कुल वर्षा दीर्घकालीन औसत से लगभग 11% कम रही है, पूर्वी MP में 8% और पश्चिमी MP में 14% की कमी है। यह सक्रिय दौर सूखते इलाकों को राहत तो दे सकता है, लेकिन जलभराव, बिजली गिरने और नदियों के जलस्तर में वृद्धि का खतरा भी साथ है। IMD ने लोगों से सतर्क रहने, खासकर कमजोर संरचनाओं वाले इलाकों में रहने वालों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।