नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अहम द्विपक्षीय बैठक हुई। करीब 50 मिनट चली इस बातचीत में दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को आगे बढ़ाने, सीमा पर शांति बनाए रखने और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में सीमा विवाद के चलते भारत और चीन के संबंधों में काफी तनाव रहा है। दोनों देशों के बीच अब स्थिति को स्थिर करने और संवाद के जरिए रिश्तों को आगे बढ़ाने की कोशिश दिखाई दे रही है।
सीमा पर शांति को भारत ने बताया जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि भारत और चीन के संबंधों में आगे की प्रगति के लिए सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
भारत का रुख लगातार यह रहा है कि सीमा पर किसी भी तरह का तनाव द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित करता है। ऐसे में मौजूदा समझौतों और आपसी सहमतियों का सम्मान करते हुए सीमा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
सीमा विवाद के समाधान पर भी चर्चा
बैठक में दोनों नेताओं ने लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्ष सीमा मुद्दे का ऐसा समाधान तलाशने की बात करते रहे हैं जो उचित, निष्पक्ष और दोनों देशों को स्वीकार्य हो।
हालांकि, भारत और चीन की प्राथमिकताओं में अभी भी कुछ अंतर मौजूद हैं। भारत सीमा पर वास्तविक शांति और स्थिरता को रिश्तों में सुधार का आधार मानता है।
2020 के बाद बिगड़े थे रिश्ते
भारत और चीन के संबंधों में 2020 के गलवान संघर्ष के बाद बड़ा बदलाव आया था। सीमा पर तनाव बढ़ने के साथ दोनों देशों के बीच सैन्य तैनाती और कूटनीतिक बातचीत का दौर शुरू हुआ।
इसके बाद कई स्तरों पर बातचीत के जरिए तनाव कम करने की कोशिश की गई। हाल के समय में दोनों देशों ने संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य दिशा में ले जाने के लिए संवाद और संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया है।
व्यापार और सहयोग बढ़ाने की भी जरूरत
सीमा विवाद के अलावा भारत और चीन के बीच व्यापार और आर्थिक संबंध भी महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार काफी बड़ा है, लेकिन भारत लंबे समय से व्यापार असंतुलन को लेकर चिंता जताता रहा है।
दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार होने पर व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
BRICS के मंच पर अहम मुलाकात
मोदी और शी जिनपिंग की यह बैठक ऐसे समय हुई है जब BRICS का विस्तार हो चुका है और संगठन वैश्विक राजनीति तथा अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
दोनों नेताओं की मुलाकात से यह संकेत जरूर मिलता है कि भारत और चीन अपने मतभेदों के बावजूद संवाद का रास्ता बनाए रखना चाहते हैं। हालांकि, सीमा विवाद सहित कई अहम मुद्दों पर वास्तविक प्रगति के लिए आगे भी लगातार बातचीत और आपसी विश्वास की जरूरत होगी।
भारत के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता अब भी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में से एक है। ऐसे में मोदी-शी वार्ता को दोनों देशों के रिश्तों में सावधानी से आगे बढ़ते सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा सकता है।