राम चरण की फिल्म पेद्दी, जो एक स्पोर्ट्स-ड्रामा फिल्म है, इस समय अपने बोल्ड सीन्स को लेकर सुर्खियों में है। इसमें जाह्नवी कपूर के किरदार को आई-कैंडी की तरह पेश किया गया है, जिसका फिल्म से कोई ताल्लुक नहीं है।
उनके अधिकतर सीन्स सिर्फ उनकी फिगर और बॉडी दिखाने पर फोकस रखते हैं। इस वजह से फिल्म के डायरेक्टर पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फैंस को यह बात अच्छी नहीं लग रही है।
जाह्नवी के बयान फिर से हुए वायरल
जाह्नवी के लिए यह पहली बार नहीं है जब फिल्मों में सिर्फ उन्हें एक बोल्ड अवतार में दिखाया गया हो। साउथ की फिल्म देवरा हो, या मैडॉक फिल्म्स की परम सुंदरी – इन सभी में उनके ऐसे सीन हैं जिसमें डायरेक्टर ने एक्ट्रेस की बॉडी को सेक्शुअलाइज तरीके से दिखाया है।
कुछ वक्त पहले जाह्नवी कपूर राज शमानी के पॉडकास्ट में आई थीं, जहां उन्होंने साफ कहा था कि उन्हें फिल्मों में ज्यादा बोल्ड दिखाए जाने वाले सीन्स से तकलीफ है। यह बयान अब फिर से वायरल हो रहा है।
‘बिना सहमति के सेक्शुअलाइज किया जाना परेशान करता है’
जाह्नवी ने पॉडकास्ट में कहा था, ‘मेरा मानना है कि हर स्टेज पर यह पूछना बहुत जरूरी है कि मैंने क्या चीज की सहमति दी थी। उदाहरण के लिए, मैंने परम सुंदरी में भीगी साड़ी नाम का एक गाना किया था, जिसमें मैं भीगी साड़ी पहने हुई थी और काफी सेंशुअल तरीके से डांस कर रही थी।’
उन्होंने आगे कहा, ‘उस गाने का मकसद लोगों को एक्साइट करना नहीं था, बल्कि वह एक सेंशुअल गाना था। अगर कोई देखकर कहे कि मुझे इस लड़की पर अट्रैक्शन नहीं है, तो मुझे शायद बुरा लगेगा। लेकिन यह बात किसी को बिना उसकी सहमति के सेक्शुअलाइज करने से बहुत अलग है। मैं किसी भी रूप में बिना सहमति के सेक्शुअलाइज किए जाने के खिलाफ हूं। और यह बात मुझे परेशान करती है।’
गलत एंगल से शूट करने पर उठाती हैं आवाज
जाह्नवी ने यह भी बताया था कि जब कोई कैमरामैन गलत एंगल से शूट करके उनकी बॉडी दिखाने की कोशिश करता है, तब वह अनकंफर्टेबल हो जाती हैं और उसे ऐसा करने से मना करती हैं।
एक्ट्रेस ने कहा, ‘अगर DOP कैमरा किसी ऐसी जगह लगा दे जहां मुझे ठीक नहीं लग रहा हो, तो मुझे बिना अनप्रोफेशनल दिखे साफ-साफ कहना चाहिए कि नहीं, यह नहीं चलेगा, मुझे यह नहीं चाहिए।’
‘पहले मैं बहुत रिस्पेक्ट से बात करती थी’
जाह्नवी ने यह भी बताया कि समय के साथ उनमें काफी बदलाव आया है। उन्होंने कहा, ‘धीरे-धीरे, पहले मैं बहुत रिस्पेक्ट से बात करती थी और सोचती थी कि अपनी लड़ाइयां चुन-चुनकर लड़नी चाहिए। लेकिन अब मैं थोड़ा बदल गई हूं।’
‘अब मैं सोचती हूं कि मैं जुगाड़ निकाल लूंगी। किसी न किसी तरीके से अपनी बात तो जरूर रखूंगी, लेकिन यह बहुत जरूरी है कि मैं विनम्र और सभ्य लगूं।’
फैंस ने उठाए सवाल
अब जाह्नवी के ये बयान पेद्दी की रिलीज के बाद वापस सुर्खियों में आ गए हैं। फैंस सवाल कर रहे हैं कि अगर उन्हें बोल्ड सीन्स करने में तकलीफ होती है, तो उन्होंने पेद्दी जैसी फिल्म में काम क्यों किया?
सोशल मीडिया पर फैंस जाह्नवी को खूब ट्रोल कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘पहले बोलो कि हमें बोल्ड सीन्स पसंद नहीं, फिर ऐसी फिल्मों में काम करो। क्या यह पाखंड नहीं है?’ वहीं एक अन्य ने लिखा, ‘जाह्नवी को अपनी बातों पर खुद ही यकीन नहीं है।’
डायरेक्टर पर भी उठ रहे सवाल
जाह्नवी के अलावा, फिल्म के डायरेक्टर पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर एक स्पोर्ट्स-ड्रामा फिल्म में ऐसे बोल्ड सीन्स की क्या जरूरत थी?
क्या फिल्म की कहानी को आगे बढ़ाने के लिए यह जरूरी था? या फिर यह सिर्फ दर्शकों को आकर्षित करने का एक हथकंडा है? फिल्म समीक्षकों का भी मानना है कि पेद्दी में जाह्नवी के किरदार को ठीक से नहीं लिखा गया है।
परम सुंदरी का भी उठा जिक्र
जाह्नवी ने अपने पुराने इंटरव्यू में परम सुंदरी के गाने ‘भीगी साड़ी’ का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि वह गाना सेंशुअल था, लेकिन उसका मकसद लोगों को एक्साइट करना नहीं था।
हालांकि, फैंस का कहना है कि चाहे वह गाना हो या पेद्दी के सीन, दोनों में उन्हें एक ही तरह से पेश किया गया है। फिर वह पहले एक को सही क्यों ठहरा रही हैं और दूसरे पर सवाल क्यों उठा रही हैं? यह विरोधाभास फैंस को पच नहीं रहा है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल जाह्नवी कपूर ने इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। देखना होगा कि एक्ट्रेस इन सभी सवालों और ट्रोलिंग पर क्या जवाब देती हैं।
यह भी देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में जाह्नवी ऐसी फिल्मों से दूरी बनाती हैं या फिर वह अपने इसी तरह के रोल करना जारी रखती हैं। फिलहाल तो सोशल मीडिया पर यह मुद्दा गरमाया हुआ है।
पाखंड का लग रहा है आरोप
जाह्नवी कपूर पर इन दिनों पाखंड का आरोप लग रहा है। एक तरफ वह कहती हैं कि उन्हें बोल्ड दिखाए जाने से परेशानी है, तो दूसरी तरफ वह उन फिल्मों में काम कर रही हैं जहां उन्हें इसी तरह पेश किया जाता है।
फैंस का कहना है कि अगर सच में उन्हें यह पसंद नहीं है, तो उन्हें ऐसी फिल्में करने से मना कर देना चाहिए। लेकिन ऐसा लगता है कि उनके लिए फिल्में करना ज्यादा जरूरी है, भले ही उन्हें किस तरह पेश किया जा रहा हो।
एक्ट्रेसेस के लिए चुनौती
यह मामला एक बार फिर बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेस के साथ होने वाले बर्ताव को उजागर करता है। अक्सर देखा गया है कि फिल्मों में एक्ट्रेसेस को सिर्फ दिखावे के लिए रखा जाता है, उनके किरदार को ज्यादा तवज्जो नहीं दी जाती।
जाह्नवी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। उन्होंने एक अच्छा मौका छोड़ा या नहीं, यह तो वह खुद बेहतर जानती हैं। लेकिन इतना तय है कि ‘पेद्दी’ में उनके रोल ने उन्हें सही मायनों में न्याय नहीं किया है।