इंदौर | भारत ने वेस्टइंडीज को पांच मैचों की टी20 सीरीज के तीसरे मुकाबले में 14 रनों से हराया। इसके साथ ही उसने सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली। रविवार (11 अक्टूबर) को इंदौर के होलकर स्टेडियम (Holkar Stadium) में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन जीत की असली कहानी गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने लिखी। मैच के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) ने गेंदबाजों की जमकर तारीफ की और बताया कि टीम दबाव के बावजूद जीत हासिल करने में कैसे कामयाब रही।
श्रेयस अय्यर के मुताबिक गेंदबाजों को अपनी रणनीति पर पूरा भरोसा था। उन्होंने स्पष्ट सोच के साथ गेंदबाजी की और मैदान पर अपनी योजनाओं को अच्छी तरह लागू किया। श्रेयस ने कहा कि जब भी उन्होंने गेंद किसी खिलाड़ी को सौंपी, हर गेंदबाज चुनौती का सामना करने के लिए तैयार था। कप्तान के लिए यही सबसे अहम बात थी। मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि गेंदबाजों के आत्मविश्वास और उनकी रणनीति में स्पष्टता साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने दबाव के क्षणों में भी अपने प्लान पर अमल किया। श्रेयस ने माना कि ऐसे मैदान पर, जहां बड़े स्कोर बनते हैं, विरोधी टीम को रोकना आसान नहीं होता। इसके बावजूद भारतीय गेंदबाजों ने संयम बनाए रखा और टीम को जीत दिलाई।
श्रेयस अय्यर ने कहा कि वेस्टइंडीज जैसी टीम को कभी हल्के में नहीं लिया जा सकता। इसलिए भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रक्रिया पर टिके रहना, नियमित रणनीति का पालन करना और आक्रामक रवैया बनाए रखना जरूरी था। भारतीय कप्तान ने अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) और ईशान किशन (Ishan Kishan) की बल्लेबाजी की भी तारीफ की। अभिषेक ने 30 गेंदों पर 69 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दिलाई, जबकि ईशान किशन ने सिर्फ 18 गेंदों पर 37 रन ठोक दिए। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय पारी को मजबूती दी और बड़े स्कोर की नींव रखी। श्रेयस अय्यर ने तेज गेंदबाज प्रिंस यादव (Prince Yadav) के योगदान को भी अहम बताया। प्रिंस यादव ने शमर जोसेफ (Shamar Joseph) के ओवर में तीन चौके लगाकर भारत के स्कोर में उपयोगी रन जोड़े। भारतीय कप्तान के मुताबिक अंतिम ओवर में मिले ये रन मुकाबले में निर्णायक साबित हुए।
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप (Shai Hope) ने हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम गेंदबाजी में अधिक अनुशासित प्रदर्शन कर सकती थी। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में कई बार छोटे-छोटे अंतर नतीजा तय करते हैं। भारतीय बल्लेबाजों की साझेदारी काफी खतरनाक थी, लेकिन विकेट मिलने के बाद वेस्टइंडीज ने मुकाबले में वापसी भी की। शाई होप ने माना कि उनकी टीम कुछ मौकों पर चौके रोकने में नाकाम रही। उन्होंने यह भी कहा कि वेस्टइंडीज को एक मजबूत ओपनिंग साझेदारी की जरूरत है, ताकि बल्लेबाजी की शुरुआत में ही टीम को बेहतर आधार मिल सके। हालांकि, उन्होंने किसी एक या दो खिलाड़ियों को हार के लिए जिम्मेदार ठहराने से परहेज किया।
शाई होप ने इंदौर में ओस (Dew) के असर का जिक्र करते हुए कहा कि पारी के आखिरी हिस्से में गेंदबाजी करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। गेंद की दिशा और स्विंग पर इसका प्रभाव महसूस हुआ। इसके बावजूद उन्होंने भारतीय गेंदबाजों की तारीफ की और कहा कि उन्होंने बेहतरीन यॉर्कर डालकर दबाव में गेंदबाजी करने का उदाहरण पेश किया।
भारत ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 223 रन बनाए थे। लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट पर 209 रन ही बना सकी। फास्ट बॉलर अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) ने तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई, जबकि नमन धीर (Naman Dhir) ने दो विकेट हासिल किए। अब दोनों टीमों के बीच सीरीज का चौथा मुकाबला बुधवार (14 अक्टूबर) को हैदराबाद में खेला जाएगा। भारतीय टीम की नजरें इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने पर होंगी।