रियाद/सना | यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) ने शनिवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद (Riyadh) के कई संवेदनशील ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले (Missile-Drone Attack) का दावा किया है। हूतियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी (Yahya Saree) ने हूती के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टीवी पर प्रसारित एक बयान में कहा कि इस हमले में बड़ी संख्या में बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलों तथा ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, लाल सागर के तट पर स्थित ऊर्जा केंद्र यानबू (Yanbu) में सऊदी तेल कंपनी अरामको (Aramco) की एक सुविधा को भी निशाना बनाने का दावा किया गया है ।
सऊदी अरब ने क्या कहा?
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने पुष्टि की है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी (Turki Al-Maliki) ने कहा कि हूतियों ने बैश, ताइफ, फरासान और यानबू में भी आम नागरिकों और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को भी नाकाम कर दिया । हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने किसी अन्य हमले या जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं की है ।
रियाद में क्या हुआ?
रियाद में शनिवार को दो बार धमाकों की आवाज सुनाई दी। दूसरी घटना के बाद राजधानी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (King Khalid International Airport) के पास काले धुएं का गुबार उठता देखा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईंधन टैंकों के पीछे से आग की लपटें भी उठती नजर आईं, जिसके कारण कुछ उड़ानों में देरी हुई ।
यह पहला मौका है जब हूतियों और सऊदी अरब के बीच हालिया तनाव बढ़ने के बाद राजधानी रियाद के लिए हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया। सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने रात भर फोन पर अलर्ट भेजकर रियाद और अल खर्ज में संभावित हवाई हमले को लेकर चेतावनी दी थी। शनिवार सुबह अधिकारियों ने बताया कि स्थिति सामान्य हो गई है ।
हूतियों ने क्यों किया हमला?
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि ये हमले यमन की राजधानी सना (Sanaa) पर सऊदी अरब के तेज होते हवाई हमलों के जवाब में किए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने पिछले एक सप्ताह में यमन में 300 से अधिक हवाई हमले किए हैं। सरी ने कहा कि हूती “जैसे को तैसा” की रणनीति के तहत जवाबी कार्रवाई जारी रखेंगे, जब तक सऊदी हवाई हमले बंद नहीं होते और यमन पर लगी पाबंदियां नहीं हटाई जाती हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि हूतियों ने जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया ।
क्या है पृष्ठभूमि?
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब हूतियों और सऊदी अरब के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। जुलाई 2026 के मध्य में सऊदी अरब ने हूती के नियंत्रण वाले सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हमला किया था, जिसके बाद हूतियों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की। 20 जुलाई को हूतियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab al-Mandab Strait) से सऊदी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने का ऐलान किया था और तब से सऊदी तेल टैंकरों तथा तेल सुविधाओं पर हमलों का दावा कर रहे हैं ।
इस बीच, भारत ने सऊदी अरब पर हूती हमलों की निंदा की है और इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्रों, खासकर आम नागरिकों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने की निंदा करता है ।