नई दिल्ली | गौतम अडानी समूह एक बार फिर वैश्विक विस्तार की ओर बढ़ रहा है। इस बार निशाना है इटली का कैटनिया एयरपोर्ट। समूह की कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने इस एयरपोर्ट के निजीकरण के लिए बोली लगाने की प्रक्रिया में दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी 10 अंतिम बोलीदाताओं में शामिल है, जिससे यह डील लगभग पक्की मानी जा रही है।
कैटनिया एयरपोर्ट के बारे में
कैटनिया एयरपोर्ट सिसिली का सबसे बड़ा और यात्रियों की संख्या के हिसाब से इटली का पांचवां सबसे व्यस्त एयरपोर्ट है। इसे संचालित करने वाली कंपनी SAC ने मई 2026 में एयरपोर्ट में कम से कम 51% हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके अलावा, SAC दक्षिणी सिसिली में स्थित छोटे कोमिसो एयरपोर्ट का भी प्रबंधन करती है, जिसके लिए उसके पास 2049 तक का अनुबंध है।
कौन हैं अन्य बोलीदाता?
अडानी समूह के अलावा, इस डील की रेस में कई अंतरराष्ट्रीय दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। शॉर्टलिस्ट किए गए बोलीदाताओं में विंची एयरपोर्ट्स, रॉयल शिफोल ग्रुप, कॉरपोरेशन अमेरिका एयरपोर्ट्स, मुंडीज, सेव, 2i एयरोपोर्टी, मैग ओवरसीज इन्वेस्टमेंट, ओमान एयरपोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी और मैक्वेरी यूरोपियन इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के नाम शामिल हैं। एयरपोर्ट ऑपरेटर SAC के CEO निको टोरिसी ने इसकी पुष्टि की है।
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क्या अडानी एयरलाइन भी खरीदेगा?
यह खबर ऐसे समय आई है, जब बाजार में अडानी समूह के एयरलाइन कारोबार में प्रवेश करने की अटकलें तेज थीं। हालांकि, अडानी समूह ने पहले ही इन अटकलों का खंडन कर दिया है। समूह ने स्पष्ट किया कि वह एयरलाइन कारोबार शुरू करने की किसी भी योजना पर विचार नहीं कर रहा है। अडानी एंटरप्राइजेज के प्रवक्ता ने कहा कि ये खबरें पूरी तरह निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। हालांकि, पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अडानी एयरपोर्ट्स ने एयरलाइन खरीदने की संभावना पर एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से कुछ शर्तों में छूट मांगी थी, लेकिन समूह ने इसे भी नकार दिया। फिलहाल, अडानी समूह की निगाहें इटली के इस प्रमुख एयरपोर्ट के सौदे को पूरा करने पर टिकी हैं, जिससे विदेशों में उसके एयरपोर्ट पोर्टफोलियो को और मजबूती मिलेगी।