नई दिल्ली | देशभर में E20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल की बिक्री जारी है। इस बीच, ऑटोमोबाइल कंपनियों के सबसे बड़े संगठन SIAM की एक कथित रिपोर्ट ने हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि E20 पेट्रोल में क्लोराइड और नमी की अधिकता के कारण वाहनों के इंजन और एग्जॉस्ट सिस्टम के महत्वपूर्ण पार्ट्स तेजी से खराब हो रहे हैं। हालांकि, सरकार और SIAM ने इन दावों पर सफाई देते हुए कहा है कि फ्यूल की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है और घबराने की कोई बात नहीं है।
SIAM रिपोर्ट में क्या दावे किए गए?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, SIAM ने पेट्रोलियम मंत्रालय को पत्र लिखकर E20 पेट्रोल की गुणवत्ता पर चिंता जताई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि E20 में क्लोराइड की मात्रा अधिक होने से फ्यूल इंजेक्टर, फ्यूल पंप, EGR वाल्व और इंजन से जुड़े अन्य पार्ट्स में जंग लगने और असामान्य घिसावट की समस्या आ रही है। इसके अलावा, फ्यूल में 10,000 mg/kg तक नमी पाई गई, जबकि तय सीमा 3,000 mg/kg है। कुछ पेट्रोल पंपों पर क्लोराइड का स्तर 350 mg/kg तक पाया गया, जबकि SIAM ने 1 mg/kg से कम रखने की सिफारिश की है।
सरकार और SIAM ने क्या कहा?
इन दावों के बाद पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देशभर से लिए गए 2,000 से अधिक सैंपल में केवल दो मामलों में क्लोराइड मिला। उन पंपों पर तुरंत बिक्री रोक दी गई। सरकार का कहना है कि 87,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर दिन में 8-12 बार पानी की मिलावट की जांच हो रही है।
SIAM ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि रिपोर्ट के आंकड़े अंतिम या प्रमाणित नहीं हैं। संगठन ने भरोसा दिलाया कि फ्यूल की गुणवत्ता की निगरानी नियमित रूप से हो रही है और 150 से अधिक मानकों पर जांच की जाती है। SIAM ने यह भी बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय पहले ही इथेनॉल में क्लोराइड की सीमा 3 ppm (प्रति मिलियन) तय कर चुका है।
क्या आम वाहन मालिकों को चिंता करनी चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसून, E20 पेट्रोल सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, लेकिन इसकी सफलता गुणवत्ता नियंत्रण पर निर्भर करती है। अभी कुछ पुराने पेट्रोल पंपों की स्टोरेज टैंक और पाइपलाइन में खराबी की वजह से नमी और गंदगी फ्यूल में मिल सकती है, लेकिन SIAM और सरकार का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है। फिलहाल, वाहन मालिकों को अपने वाहनों की सर्विसिंग और फ्यूल क्वालिटी पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है। यह मामला लगातार गरमाया हुआ है और पिछले दिनों दिल्ली के पूर्व CM अरविंद केजरीवाल और अन्य संगठनों ने भी E20 के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए थे।