KGF और सालार जैसा भौकाली एक्शन-गैंगस्टर ड्रामा देने वाले फिल्ममेकर प्रशांत नील एक बार फिर तैयार हैं एक नए धमाके के साथ। जूनियर एनटीआर के साथ उनकी अगली फिल्म ‘ड्रैगन’ की चर्चा पिछले कई सालों से जारी थी।
अब फिल्म का फर्स्ट लुक (ग्लिम्प्स) रिलीज हो गया है और फैंस का क्रेज सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
कैसा है ‘ड्रैगन’ का वर्ल्ड?
प्रशांत नील के सिग्नेचर स्टाइल में यह फिल्म भी उसी डार्क और खूंखार गैंगस्टर संसार में सेट है, जैसे KGF और सालार थीं। लेकिन इस बार:
- वर्ल्ड: पहले से ज्यादा खूनी और खतरनाक
- स्केल: KGF और सालार से भी बड़ा और भौकाली
- स्टोरी: इंटरनेशनल (भारत से अफगानिस्तान, सोमालिया, अफ्रीका तक)
‘कांतारा’ फेम रुक्मिणी वसंत सुना रही हैं कहानी
प्रशांत नील की फिल्मों का एक तरीका रहा है – एक किरदार कहानी सुनाता है, कहानी मिथक जैसी होती है, पहले विलेन इंट्रोड्यूस किए जाते हैं और फिर आता है हीरो।
‘ड्रैगन’ के फर्स्ट लुक में कहानी सुना रही हैं रुक्मिणी वसंत (जिन्हें आप ‘कांतारा चैप्टर 1’ से पहचानते हैं)।
अफीम युद्ध: कहानी का केंद्र क्या है?
ग्लिम्प्स की कहानी भारत छोड़कर गए अंग्रेजों के पीछे छूट गए अफीम के व्यापार और इसे कंट्रोल करने वाले दो माफिया गैंग्स की है:
| गैंग का नाम | क्षेत्र |
|---|---|
| अफगान ट्रेडिंग कंपनी (ATC) | एक माफिया गैंग |
| गोल्डन ट्रेडिंग कंपनी | दूसरा माफिया गैंग |
प्रशांत नील की यह कहानी इंटरनेशनल होने जा रही है – भारत से लेकर अफगानिस्तान, सोमालिया और अफ्रीका जैसे इलाकों तक फैली हुई।
ATC के 8 विलेन्स: दमदार एक्टिंग का तगड़ा पैकेज
फर्स्ट लुक में पहले अफगान ट्रेडिंग कंपनी (ATC) के 8 विलेन्स को इंट्रोड्यूस किया गया है। ये लाइन-अप कमाल का है:
| विलेन (कलाकार) | जानकारी |
|---|---|
| आशुतोष राणा | दमदार अभिनेता |
| अंशुमान पुष्कर | ओटीटी से उभरे कलाकार |
| सिद्धांत गुप्ता | उम्दा एक्टर |
| और 5 अन्य | बाकी का खुलासा बाद में |
इस लिस्ट से साफ है कि ‘ड्रैगन’ का एक्टिंग-परफॉर्मेंस डिपार्टमेंट बहुत तगड़ा है।
लूगर: जूनियर एनटीआर का सबसे बड़ा विलेन वाला अवतार
विलेन्स के बाद फर्स्ट लुक में इंट्रोड्यूस होता है ATC का ‘असासिन इन चीफ’ – यानी सबसे बड़ा विलेन लूगर।
जूनियर एनटीआर को प्रशांत ने कैसे इंट्रोड्यूस किया?
प्रशांत इस किरदार को उन अनगिनत लाशों से इंट्रोड्यूस करवाते हैं, जो लूगर ने अपने पीछे छोड़ी हैं।
मास डायलॉग जो थिएटर्स में आग लगा देगा:
“खुदा की एक नेमत है मुझपर, ट्रिगर दबाने के बाद कभी अफसोस नहीं होता।”
इस डायलॉग पर थिएटर्स में कितनी सीटियां और शोर मचने वाला है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
सबसे बड़ा ट्विस्ट: हीरो कौन है?
अब आता है सबसे बड़ा ट्विस्ट। ड्रैगन में जूनियर एनटीआर का किरदार ‘चीफ विलेन’ है, तो हीरो कौन है?
प्रशांत नील एक और शानदार पत्ता खोलते हैं:
रघुवीर राठौर यानी अनिल कपूर
वह हमें मिलवाते हैं इंडिया के नारकोटिक्स ब्यूरो के चीफ रघुवीर राठौर से – यानी अनिल कपूर से।
यानी कहानी में:
- जूनियर एनटीआर = सबसे बड़ा विलेन (लूगर)
- अनिल कपूर = नारकोटिक्स ब्यूरो चीफ (हीरो?)
एक्शन सीक्वेंस और एपिक स्केल
विलेन और हीरो की इंट्रोडक्शन के बाद ग्लिम्प्स में धुआंधार एक्शन, फाइट और चेज सीक्वेंस दिखाए गए हैं। प्रशांत नील ने इस बार:
- स्टोरीटेलिंग: पहले से बेहतर
- एक्शन: पहले से ज्यादा दमदार
- बिल्ड-अप और एलिवेशन: पहले से ऊंचा
- ड्रामा का स्केल: बहुत बड़ा
KGF-सालार से कैसे अलग है ‘ड्रैगन’?
प्रशांत नील के सिनेमैटिक संसार को लेकर कई लोगों की शिकायत थी कि उनकी सारी फिल्मों का टेक्सचर (बनावट) एक जैसा लगता है – बेहद डार्क और खून-खराबे से भरा।
प्रशांत ने क्या कहा?
‘ड्रैगन’ के फर्स्ट लुक से प्रशांत ने दिखाया है कि कोई चीज 100 बार भी हो चुकी हो, तब भी उसे 101वीं बार और बेहतर तरीके से किया जा सकता है।