शेयर बाजार में बीते सप्ताह तेज गिरावट देखने को मिली, लेकिन इस बीच कई कंपनियों के स्टॉक गिरते हुए बाजार में भी गदर मचाते दिखे। अगले सप्ताह भी ऐसा कुछ देखने को मिल सकता है।
डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारत फोर्ज का शेयर फोकस में रहने वाला है और इसकी वजह है सरकार की ओर से कंपनी को मिला एक बड़ा ऑर्डर, जो 425 करोड़ रुपये का है।
निवेशकों को मिला 729% का रिटर्न
डिफेंस सेक्टर की कंपनी भारत फोर्ज का शेयर अपने निवेशकों के लिए मल्टीबैगर स्टॉक बनकर सामने आया है। रिटर्न के मामले में देखें, तो लॉन्गटर्म में इसने निवेशकों को मालामाल कर दिया है।
9 अप्रैल 2020 को एक शेयर की कीमत 245 रुपये थी, जो कि बीते शुक्रवार को मार्केट क्लोज होने पर 2036 रुपये पर बंद हुआ। इस दौरान निवेशकों को 729 फीसदी का धांसू रिटर्न मिला है और उनका निवेश आठ गुना से ज्यादा हो चुका है।
छह महीने में 40% चढ़ा
इस डिफेंस स्टॉक का मार्केट कैपिटल 97,340 करोड़ रुपये है। इसका 52 वीक का हाई लेवल 2059.50 रुपये है, जबकि 52 वीक का लो-लेवल 1100.50 रुपये है।
बीते छह महीने से यह स्टॉक गदर मचाए नजर आ रहा है और निवेशकों को 40 फीसदी का रिटर्न दे चुका है। वहीं बीते पांच साल का रिटर्न 180 फीसदी है।
अगले हफ्ते क्यों होगा फोकस में?
अगले हफ्ते भारत फोर्ज का शेयर फोकस में रहने वाला है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी देते हुए बताया कि उसे डिफेंस मिनिस्ट्री से इंडियन नेवी के लिए बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
यह ऑर्डर गैस टर्बाइन जेनरेटर सप्लाई का है और इसकी वैल्यू 425 करोड़ रुपये है।
5 साल में होगी सप्लाई
कॉन्ट्रैक्ट को पूरा करने के लिए भारत फोर्ज को पांच साल दिए गए हैं। इसके तहत कंपनी 1.25 मेगावाट कैपेसिटी के गैस टर्बाइन जेनरेटर तैयार करेगी।
यानी कंपनी को अगले पांच वर्षों में ये जेनरेटर भारतीय नौसेना को सप्लाई करने हैं।
12 जेनरेटर सेट होंगे सप्लाई
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में भारतीय नौसेना के लिए 1.25 मेगावाट के 12 मरीन गैस टर्बाइन जेनरेटर सेटों की खरीद के लिए पुणे स्थित भारत फोर्ज लिमिटेड के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए।
यानी कंपनी को 12 जेनरेटर सेट बनाकर देने हैं।
60% स्वदेशी सामग्री का उपयोग
इन जेनरेटरों में न्यूनतम 60% ‘मेड इन इंडिया’ सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। यानी ये जेनरेटर ज्यादातर स्वदेशी होंगे।
यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कंपनी के लिए बड़ा अवसर
यह कॉन्ट्रैक्ट भारत फोर्ज के लिए एक बड़ा अवसर है। इससे कंपनी के राजस्व में वृद्धि होगी और नौसेना के साथ उसके संबंध और मजबूत होंगे।
भारत फोर्ज पहले से ही डिफेंस सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी है। इस नए ऑर्डर से उसकी स्थिति और मजबूत होगी।
निवेशकों के लिए क्या है मतलब?
इस कॉन्ट्रैक्ट की खबर का सीधा असर भारत फोर्ज के शेयर पर होगा। अगले हफ्ते शेयर में तेजी आ सकती है।
हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वह किसी भी फैसले से पहले बाजार विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।
क्या शेयर और चढ़ेगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत फोर्ज का शेयर और भी ऊपर जा सकता है। कंपनी के ऑर्डर बुक में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
डिफेंस सेक्टर पर सरकार का फोकस और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने से कंपनी को और भी ऑर्डर मिल सकते हैं।
बाजार की नजर अगले हफ्ते पर
अब सबकी नजर अगले हफ्ते पर होगी कि भारत फोर्ज का शेयर कितना ऊपर जाता है। निवेशक इस खबर पर अपनी प्रतिक्रिया देंगे।
अगर बाजार सकारात्मक रहता है और निवेशकों का भरोसा बना रहता है, तो यह शेयर नए हाई लेवल बना सकता है।