आगर-मालवा | मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर (Baglamukhi Temple) के पास हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। मंदिर में अब रात 8 बजे के बाद हवन (Hawan) पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। शासन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, अब मंदिर में हवन रात 8 बजे से पहले ही किए जा सकेंगे। यह फैसला उस हादसे के बाद लिया गया है, जिसमें तेज बारिश के दौरान एक कार बरसाती नाले में बह गई थी और उसमें सवार 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।
क्या हुआ था हादसे में?
जानकारी के मुताबिक, ओडिशा के सात श्रद्धालु उज्जैन दर्शन के लिए आए थे। इसके बाद उन्होंने कार किराए पर ली और मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए नलखेड़ा पहुंचे थे। शुक्रवार रात तेज बारिश के दौरान मंदिर के पास स्थित बरसाती नाले में पानी का बहाव अचानक बढ़ गया। कार पुलिया के पास तेज बहाव की चपेट में आ गई और करीब 100 मीटर दूर तक बह गई। बताया गया कि नलखेड़ा में उस दौरान पिछले 24 घंटे में करीब 3.7 इंच बारिश दर्ज की गई थी। हादसे का पता शनिवार सुबह चला, जब स्थानीय लोगों ने नाले में पलटी हुई कार देखी। SDRF की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला गया और उसमें सवार सभी 8 लोगों के शव बरामद किए गए।
कौन थे मृतक?
मृतकों में 7 लोग ओडिशा के रहने वाले थे, जबकि कार चालक आगर-मालवा जिले के बड़ोद का निवासी था। मृतकों में तीन बच्चे भी शामिल थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई:
- अरुण पिता ब्रदीलाल गोयल (चालक, निवासी सुदवास, बड़ोद)
- राधारानी बेहरा (33)
- ज्ञानेंद्र कुमार बेहरा (41)
- रितारानी पत्नी ज्ञानेंद्र बेहरा (38)
- कृष्णा राजवीर पिता शिवप्रसाद (13)
- शिवप्रसाद बेहरा
- वी साई स्वस्तिक पिता ज्ञानेंद्र (10)
- शाहीरा स्वयं प्रभा पिता शिवप्रसाद (6)
पुलिस के मुताबिक, जब शवों को कार से बाहर निकाला गया, तो सभी के गले में माता के आशीर्वाद वाली लाल चुनरी लिपटी हुई थी। बताया गया कि श्रद्धालु रात में हवन-पूजन करने के बाद लौट रहे थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद नलखेड़ा में लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे और अंबेडकर चौराहे पर चक्काजाम किया। स्थानीय स्तर पर सवाल उठाए गए कि शुक्रवार रात करीब 9 बजे से 12 बजे तक तेज बारिश के दौरान जब मंदिर मार्ग का नाला उफान पर था, तब वहां सुरक्षा के इंतजाम क्यों नहीं किए गए। आरोप है कि नाले के दोनों ओर बेरिकेडिंग नहीं थी और सुरक्षा जवान भी मौजूद नहीं थे।
CCTV में दिखा एक और व्यक्ति
पुलिस के मुताबिक, मंदिर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। फुटेज में हादसे से पहले करीब 11 बजे एक व्यक्ति पैदल तेज बहाव वाले रास्ते को पार करता दिखाई दिया। बताया गया कि वह भी नाले के बहाव में बह गया और फिलहाल उसका कोई पता नहीं चल पाया है।
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मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav) ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी घटना पर शोक जताया।